फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बेघर ग्रामीणों को मिलेगा आवास

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बेघर ग्रामीणों को मिलेगा आवास
विज्ञापन

-प्राकृतिक आपदा के कारण बेघर हुए या कच्चे मकानों में रहने वाले पात्रों को चिन्हित करने के दिए निर्देश
-25 वर्ग मीटर भूमि में मकान बनाने के लिए लाभार्थी के खाते में आएंगे 1.20 लाख
नितिन दीक्षित
हापुड़। ग्रामीण क्षेत्रों में किसी आपदा एवं आर्थिक तंगी के कारण बेघर लोगों को प्रदेश सरकार छत मुहैया कराएगी। सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण लागू की है। इसके क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन को पात्रों के चिन्हित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
केंद्र सरकार की ओर वर्ष 2016-17 से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण संचालित की जा रही है। इसमें केवल उन्हीं लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है जो सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के आंकड़ों के अनुसार बेघर हों। इस कारण अभी भी अनेक परिवार छतविहीन एवं आश्रयविहीन हैं। कितने ही परिवार अभी भी जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने ग्रामीणों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

मकान के लिए मिलेंगे 1.20 लाख
राज्य सरकार पात्रों को 25 वर्ग मीटर भूमि में मकान बनवाने के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करायेगी। आर्थिक सहायता तीन किस्तों में पात्र के खाते में सीधे पहुंचेगी। कार्य शुरू कराने के लिए पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये मिलेंगे। दूसरी किस्त 70 हजार व तीसरी किस्त दस हजार रुपये रंगाई पुताई की होगी।
साथ ही लाभार्थी को 90 दिन मनरेगा के तहत कार्य सुविधा भी दी जाएगी। मकान में एक कमरा और रसोई घर बनवाना जरूरी होगा। जबकि शौचालय स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत बनवाया जाएगा।
ग्राम सभा की खुली बैठक में होगा अनुमोदन
आवेदनों के बाद प्राथमिक स्तर पर तैयार की गई सूची की जांच जनपद स्तर पर गठित त्रिसदस्यीय कमेटी करेगी। उसके बाद ग्राम सभा की खुली बैठक में लाभार्थियों का अनुमोदन किया जाएगा। इस कार्य में अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मकान पति-पत्नी दोनों के नाम आवंटित किया जाएगा। पत्नी के न होने की स्थिति में ही केवल पुरुष के नाम मकान आवंटित होगा।
इन्हें मिल सकेगा योजना का लाभ
आश्रयविहीन परिवार, बेसहारा, भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले परिवार, हाथ से मैला ढोने वाले परिवार, आदिम जनजातीय समूह व वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुवा मजदूरों को इस योजना के तहत प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।
इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
किसी भी प्रकार के वाहन स्वामी, पचास हजार या इससे अधिक क्रेडिट कार्ड सीमा वाले किसान, 2.5 एकड़ भूमि से अधिक सिंचित भूमि वाले, किसी प्रकार का कर देने वाले या लैंड लाइन फोन प्रयोग करने वाले लोगों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन

डीएम कृष्णा करुनेश ने बताया कि सरकार की ओर से जारी आदेशों के बाद संबंधित अधिकारियों को इसके अनुपालन के लिए निर्देशित किया जा रहा है। योजना को पूरी पारदर्शिता के तहत लागू कराया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें