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असामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए जमीअत उलेमा ने की बड़ी पहल

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‘परिचितों व रिश्तेदारों के घर मीट ले जाने में बरतें एहतियात’
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- असामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए जमीअत उलेमा ने की पहल
- मुस्लिम समुदाय के लिए ईद को लेकर जारी की जा रही अपील
- खुले में कुर्बानी न करने के साथ सौहार्द की अपील को बांटे जा रहे पर्चे

हापुड़। बकरीद नजदीक आते ही जमीयत उलेमा के आह्वान पर उलेमाओं ने आपसी सौहार्द कायम रख त्योहार मनाने की अपील की है। उलेमाओं ने कुर्बानी के मीट सहित सुरक्षा के लिए सात बिंदुओं के पर्चे बंटवाएं हैं। उलेमा आसपास के मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित प्रमुख शहरों के लोगों को भी जलसों व पर्चें बंटवाकर जागरूक करने की पहल की है। साथ ही कमेटी बनाकर समस्या के निस्तारण के लिए भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
दो सितंबर को बकरीद है। इस दिन पशुओं की कुर्बानी देने की परंपरा है। ऐसे में कुर्बानी को लेकर आसमाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए जमीअत उलेमा ने पहल की है। इसके मद्देनजर सात अहम बिंदु शामिल किए गए हैं। इन बिंदुओं में खासतौर पर प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं करने की अपील की गई है। इसके अलावा जानवरों को खरीद कर लाते समय उनका हुलिया अपने पास रखा जाए। मोहल्लों में कुर्बानी के जानवरों की नुमाइश न की जाए। हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों में कुर्बानी के जानवरों के घुमाने से बचा जाए। जबकि चौराहों व सड़कों पर कुर्बानी न की जाए। चहारदीवारी के घेर या मकानों में कुर्बानी कर उनके अवशेष पॉलिथीन में पैक कर डस्टबिन में डाले, जिसके लिए संबधित अधिकारियों से भी व्यवस्था कराने की मांग की गई है। साथ ही उलेमाओं ने दूर दराज में रहने वाले परिचितों व रिश्तेदारों के यहां मीट ले जाने में एहतियात बरतने की सलाह दी है। असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसकी सूचना पुलिस को दी जाए। या कमेटी के पदाधिकारियों को दें। किसी भी प्रकार से शांति में व्याधान न डालने की अपील की गई है। उलेमाओं द्वारा आसपास के गांव व शहरों में जाकर समाज के लोगों को जागरूक करने के लिए पर्चें भी बांटे जा रहे हैं। साथ ही मस्जिद व अन्य जलसों के माध्यम से भी समाज को जागरूक कर आपसी सौहार्द के बीच त्यौहार मनाने की अपील की जा रही है। उलेमा मस्जिद में एलान से लेकर गांव व शहरों में भी जलसे के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
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शहर काजी कारी असगर ने बताया कि उलेमाओं की पहल समाज के लिए जरूरी है। बकरीद आपसी सौहार्द का त्यौहार है। शरीअत को ध्यान में रखकर त्यौहार मनाया जाए। साथ ही अफवाहों से बचकर त्यौहार मनाए।
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इन नंबरों पर किया जा सकता है संपर्क
*शहर काजी कारी असगर-9837629798
*मुफ्ती अय्यूब,नायब मोहतमिम बड़ा मदरसा-9412621262
*कारी आसिम, जामा मस्जिद हापुड़-9927531213
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