आपकी मदद से खिलखिलाएंगे गरीबों के नौनिहाल
- कलक्ट्रेट पर बनेगा टॉय, बुक व क्लॉथ बैंक
- पोर्टल हो रहा तैयार, आनलाइन अनुदान कर सकेंगे दानदाता, संस्थाएं स्कूलों को ले सकेंगी गोद
- प्रशासन को इस योजना के तहत परिषदीय स्कूलों की दशा सुधरने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़।
परिषदीय स्कूलों के गरीब बच्चे भी खिलौनों से खेल सकेंगे, कोर्स से हटकर दूसरों विषयों की किताबें पढ़ सकेंगे। जिला प्रशासन ने इस संबंध में नई पहल की है। लोगों से सामर्थ के अनुसार खिलौने, किताबें और कपड़े देेने की अपील की गई है। जिन्हें चिन्हित स्कूलों में वितरित किया जाएगा।
सीडीओ दीपा रंजन ने बताया कि जिला पंचायत राज विभाग द्वारा जिले में 40 स्कूलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इन स्कूलों के बच्चों को पब्लिक स्कूलों के बच्चों की तरह सुविधाएं दी जा सके, इसके लिए सीडीओ दीपा रंजन ने विशेष पहल की है। सीडीओ ने इन स्कूलों में सहयोग के लिए कलक्ट्रेट पर टॉय, बुक व क्लॉथ बैंक बनाया है। लोगों व जिले के समाजसेवी संस्थाएं से मांग की गई है कि वे अपने घरों से खेलने लायक खिलौने, ज्ञानवर्धक पुस्तकें और पहनने योग्य कपड़े बैंक में जमा करा सकते हैं। दो अगस्त को दोपहर 11 बजे कलक्ट्रेट में इस संग्रह के लिए लोगों को बुलाया गया है। संग्रहित सामान को इन चालीस स्कूलों में वितरित किया जाएगा।
अनुदान के लिए पोर्टल किया जा रहा तैयार --
इनके साथ एक और महत्वपूर्ण योजना तैयार की जा रही है। एक पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिस पर इच्छुक लोग स्कूली बच्चों के लिए ऑन लाइन अनुदान भी दे सकते हैं। इसके लिए संस्थाओं और संपन्न लोगों को स्कूल गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना सफल होती है तो जिले के चिन्हित 40 स्कूलों में बच्चों को पब्लिक स्कूलों में मिलने वाली हर सुविधा मुहैया होगी।
सीडीओ दीपा रंजन ने बताया कि 2 अगस्त को कलक्ट्रेट पहुंचने वाला हर व्यक्ति चाहे व अधिकारी हो या आम आदमी सब बच्चों के लिए कुछ न कुछ अपने साथ लेकर आयें। उन्होंने लोगों व संस्थाओं से योजना को सफल बनाने में अपना योगदान देने की अपील की।
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