हापुड़। जिले के 40 से अधिक गांवों में पशुओं में खुरपका, मुहंपका बीमारी फैल गई है, 60 से अधिक पशुओं की मौत भी हो चुकी है। सूचना पर पशुपालन विभाग की टीम ने काठीखेड़ा पहुंचकर, पशुओं की जांच भी की। तीन लाख से अधिक वैक्सीन स्टोर में रखी हैं, लेकिन शासन के आदेश के इंतजार में टीकाकरण नहीं हो सका है।
महंगे पशु और उपचार, दूध की कीमतें अच्छी न मिलने से पशुपालन का कार्य कम हो रहा है। गांवों में भी मवेशियों की संख्या घट रही है। ऐसे में अब कई तरह की बीमारियां भी पशुओं में फैल रही हैं। बरसात के दिनों में खुरपका, मुहंपका सबसे अधिक फैल रहा है, जिसकी चपेट में आने से सैकड़ों पशु बीमार चल रहे हैं। कई गांवों में लगातार पशुओं की मौत भी हो रही हैं। सलाई और काठीखेड़ा में बीमारी का प्रकोप सबसे अधिक बताया जा रहा है।
दरअसल, पिछले साल लंपी की चपेट में आने से भी बहुत से पशुओं की मौत हो गई थी। हालांकि इसका असर गायों पर अधिक था। टीकाकरण के बाद यह बीमारी रुक सकी। लेकिन अब दूसरी बीमारी पशुओं की जान ले रही हैं। गांव सलाई में शोएब, डॉ.इकराम, कामिल, शादिल, प्यारे, अब्बास के पशुओं की मौत हुई है। काठीखेड़ा में अजबसिंह के दो पशुओं की भी मौत हुई। इसके अलावा अन्य गांवों में भी पशुओं की मौत हुई हैं। मंगलवार को पशुपालन विभाग की टीम ने जांच भी की।
इन गांवों में बीमारी का असर अधिक
गांव सलाई, काठीखेड़ा, महमूदपुर, मीरपुर, रसूलपुर, हुमांयुपुर, सांवई, हरसिंहपुर, कांवी, नवादा, हाफिजपुर समेत गढ़ और धौलाना ब्लॉक के बहुत से गांव शामिल हैं।
पशुओं के पैरों में छाले और जलन
डिप्टी सीवीओ डॉ.रोहताश ने बताया कि पशुओं में फुटरोट और म्यूकोजल डिजीज कांप्लैक्स के मामले सामने आ रहे हैं। पैरों में छाले, जलन भी मिल रही है। ऐसे पशुओं के पैरों को फिनाइल या पोटेशियम परमेग्नेट से धोना चाहिए, कुछ दिन में ही पशु स्वस्थ हो जाते हैं।
टीकाकरण का इंतजार
पशुओं में खुरपका, मुहंपका रोकने के लिए तीन लाख वैक्सीन कोल्डचैन में रखी हैं। लेकिन शासन से आदेश के इंतजार में इनसे टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में पशुओं की हालत खराब हो रही है।
कोट -गांवों में टीम को भेजकर पशुओं की जांच कराई जा रही है। टीकाकरण भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, इसके लिए वैक्सीन आ चुकी है। पशुपालकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।डॉ.एनएन शुक्ला, सीवीओ।