जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से नाम वापस लेने पर सपा दो फाड़
हापुड़। जिला पंचायत अध्यक्ष पद उपचुनाव में सपा की ओर से प्रत्याशी अनीता सिंह द्वारा नाम वापसी को लेकर पार्टी दो फाड़ हो गई है। शुक्रवार को जमानत के लिए पेशी पर पहुंचे अनीता सिंह के पति तेजपाल प्रमुख के समर्थन में एक पक्ष ने कचहरी गेट पर धरना प्रदर्शन किया। जबकि दूसरे पक्ष ने विरोध में जिलाध्यक्ष का पुतला फूंक दिया। पूरे दिन सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा चलता रहा। उधर, सुनवाई के बाद तेजपाल प्रमुख को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद उपचुनाव में सपा प्रत्याशी अनीता सिंह ने बृहस्पतिवार को नाटकीय ढंग से अपना नामांकन वापस ले लिया था। इससे भाजपा की अमृता कुमार का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया। बिना सपा पदाधिकारियों को कोई जानकारी दिए नामांकन वापस लेेने पर पार्टी में हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान भूमि कब्जाने के मामले में पुलिस ने तेजपाल प्रमुख को गिरफ्तार कर शुक्रवार को पेशी के लिए कचहरी लाया। इस दौरान सपा नेता संजय गहलौत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता यहां पहुंच कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि तेजपाल प्रमुख को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाकर दबाव बनाया। इस कारण उनकी पत्नी को नामांकन वापस लेना पड़ा। उसके बाद तेजपाल प्रमुख की जमानत मंजूर हो गई। उनके बाहर आने तक यह पक्ष यहीं धरना देकर नारेबाजी करता रहा। जबकि दूसरी ओर सपा नेता व एडवोकेट अनिल आजाद के नेतृत्व में दूसरा पक्ष बुलंदशहर रोड स्थित कार्यालय पर एकत्र होकर हंगामा करने लगा। इन लोगों ने जिलाध्यक्ष सुबोध नागर के नेतृत्व में मोटी रकम लेकर टिकट वापस लेने का आरोप लगाते हुए पुतला फूंका। अनिल आजाद का कहना था कि ऐसे लोगों को पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सपा प्रत्याशी पति तेजपाल प्रमुख और जिलाध्यक्ष सुबोध नागर का इस संबंध में कहना था कि पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर करने की धमकी देकर शाम चार बजे नामांकन वापस कराया। जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं, वे पार्टी के दलाल हैं। उन्होंने पार्टी हित में आज तक कोई कार्य नहीं किया न ही किसी प्रकार का बलिदान दिया।