फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिलखुवा डिवीजन में शामिल करने के विरोध में उठने लगी है आवाज

विज्ञापन
विज्ञापन
पिलखुवा डिवीजन में शामिल करने के विरोध में उठने लगी आवाज
विज्ञापन

-विभिन्न बिजलीघरों से जुड़े उपभोक्ताओं ने दर्ज कराई आपत्ति
-जल्द पुन उन्हें हापुड़ डिवीजन से नहीं जोडने पर 15 दिसंबर से दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। बिजली निगम के अफसरों ने देहात अंचल के कई बिजलीघरों को नये पिलखुवा डिवीजन में शामिल कर दिया है। अफसरों की इस कार्यप्रणाली से हजारों उपभोक्ताओं को कार्यालय जाने के लिए 25 किलोमीटर तक का फेर बढ़ गया है। इसके विरोध में उपभोक्ताओं ने उन्हें हापुड़ डिवीजन से नहीं जोड़े जाने पर 15 दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
हापुड़ डिवीजन से जुड़े बिजलीघर से संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर निगम का करोड़ों रुपये बकाया है। शासन स्तर से अफसरों को रोजाना फटकार लग रही है। ऐसे में अपनी गर्दन बचाने के लिए अब निगम अफसरों ने हापुड़ डिवीजन के जसरूपनगर, सपनावत, किल्हौड़ा, फगौता, उबारपुर बिजलीघर को पिलखुवा नए डिवीजन में शामिल कर दिया है।
विज्ञापन

आलम यह है कि जसरूपनगर बिजलीघर से आपूर्ति मेरठ जिले के कई गांवों को दी जाती है, जबकि उबारपुर बिजलीघर से गुलावठी के आस पास तक आपूर्ति दी जाती है। इन बिजलीघरों से जुड़े उपभोक्ताओं को हापुड़ डिवीजन कार्यालय पहुंचने के लिए अधिकतम 10 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। निगम अफसरों द्वारा इन बिजलीघरों को नए डिवीजन में शामिल किए जाने से उपभोक्ताओं को करीब 25 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ेगा। ऐसे में यदि कोई अफसर कार्यालय में नहीं मिला तो उन्हें वापस आना पड़ेगा।
इस मामले में सोमवार को जसरूपनगर और उबारपुर बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं ने निगम कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज कराई और जल्द उन्हें पुन हापुड़ डिवीजन में शामिल न किए जाने पर 15 दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इन बिजलीघरों को नए डिवीजन में शामिल किया गया है। ग्रामीणों की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें