फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर फलों से भर उठेंगे बूढ़े हो चुके आम, अमरूद के पेड़

विज्ञापन
विज्ञापन
अब सूखे आम-अमरुद होंगे हरे-भरे, लगेंगे फल
विज्ञापन



-उद्यान विभाग जिले के 10 हेक्टेयर रकबे में लगे बागों का करेगा जीर्णोद्धार
-दो साल में देने लगेंगे भरपूर फल, किसानों को मिलेगा बंपर अनुदान

अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। किसान अपने आम, अमरूद के बूढ़े हो चुके पेड़ को देख अफसोस न करे। उद्यान विभाग ने इन पेड़ों के जीर्णोद्धार की पहल की है। इसके लिए सरकार से किसानों को अनुदान भी मिलेगा। प्रथम चरण में जिले के 10 हेक्टेयर रकबे में लगे पेड़ों को जवान बनाया जाएगा।
जिले में बड़े पैमाने पर बागवानी की जाती है। खासतौर पर सिंभावली और गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में बागवानी का क्षेत्रफल अधिक है। लेकिन बागों में आम, अमरूद के पेड़ काफी पुराने हो चुके हैं। काफी लागत लगाने के बाद भी उक्त पेड़ पर्याप्त फल नहीं दे पा रहे हैं। इससे मायूस किसान बागों को कटवाने का मन बना रहे हैं।
विज्ञापन

लेकिन किसानों की इस समस्या का हल उद्यान विभाग ने निकाल लिया है। विभाग बूढ़े हो चुके पेड़ों का अनोखी विधि से जीर्णोद्धार करेगा। जीर्णोद्धार से वृक्ष फिर से जवान हो जाएंगे और महज डेढ़ वर्ष के अंदर ही भरपूर फल देने लगेंगे। ऐसे में बागवानी के किसानों को मुनाफा तो हो नहीं पाता, उल्टे जेब से ही हजारों रुपये लागत लगानी पड़ती है।

प्रथम चरण में 10 हेक्टेयर रकबे का होगा जीर्णोद्धार-
प्रथम चरण में उद्यान विभाग 10 हेक्टेयर बाग का जीर्णोद्धार करेगा। इसमें पांच हेक्टयर आम और पांच हेक्टेयर अमरूद का रकबा शामिल है।

किसानों को मिलेगा बंपर अनुदान-
बाग का जीर्णोद्धार कराने वाले किसानों को विभाग की ओर से 20 हजार/हेक्टेयर की दर से अनुदान भी मिलेगा। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगा।

इस तरह होगा बागों का जीर्णोद्धार-
सात वर्ष से अधिक उम्र या सूख चुके पेड़ को तने की आठ से दस फुट ऊंचाई से काटा जाएगा। तने पर विभिन्न दवाओं का लैप कर उसका एक महीने तक विशेष ध्यान रखा जाएगा। दो वर्ष के अंदर ही उक्त पेड़ फिर से बंपर फल उत्पादित करेगा।
विज्ञापन

जिला उद्यान विभाग प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि इच्छुक किसान विभाग में आवेदन कर अपने बागों का जीर्णोद्धार करा सकते हैं। इस विधि के प्रयोग से बूढ़े पेड़ फिर से बंपर फल देंगे। किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों का चयन होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें