आधे घंटे की बारिश में शहर लबालब
- कई दिनों बाद हुई झमाझम बारिश से सड़कों और गलियों में जलभराव
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़।
पिछले कुछ दिन से जारी गर्मी से शनिवार को छाए काले बादलों ने निजात दिलाई। तेज हवा के साथ करीब आधा घंटा हुई बरसात ने लोगों को गर्मी से तो राहत दिलायी, लेकिन शहरी क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया। तेज हवा के साथ हुई बारिश से किसानों की धान, बाजरा आदि की फसल गिर गयी।
जिले में मानसून कमजोर बना हुआ है। जिस तरह से बारिश हो रही है, वह सभी के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। शनिवार सुबह भीषण उमस रही तो दोपहर दो बजे के बाद अचानक मौसम बदला। आसमान पर बादल छा गये। सभी की निगाहें आसमान पर लगी रहीं। दोपहर 2.30 बजे के बाद 30 मिनट के लिए तेज हवा के साथ जमकर बारिश हुई। इस बारिश ने शहर के गली, मोहल्लों में जलभराव कर दिया। फ्रीगंज रोड, गोल मार्केट, रेलवे रोड, अतरपुरा चौपला सहित अन्य स्थानों पर पानी भर गया। इस कारण वाहन सवारों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। छोटे कस्बों जैसे कुचेसर रोड चौपला पर भी जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ा। तेज हवा के साथ हुई बरसात के कारण किसानों को नुकसान झेलना पड़ा। तेज हवा से किसानों की धान, गन्ना व बाजारा आदि की फसल गिर गयी।
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झमाझम बारिश से कही राहत कहीं आफत
फसलों की सिंचाई में दिक्कत झेल रहे किसानों के चेहरे खिले
उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के कहर से राहत मिली
गढ़मुक्तेश्वर। झमाझम बारिश से सड़कें तालाब नजर आने लगी। इसके चलते इलाके के लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी।
एक सप्ताह बाद हुई झमाझम बारिश से चौतरफा राहत मिली है। धान और गन्ना समेत फसलों की सिंचाई में दिक्कत झेल रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं, गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी समेत दर्जनों गांवों की सड़कें बारिश से तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे राहगीरों को पैदल चलने में भी परेशानी झेलनी पड़ी। पूर्व पालिका सदस्य डॉ.शमशाद, रियासत अंसारी, जमील मजहर का कहना है कि काफी दिनों से नालों की सफाई नहीं हो पाई है, जिससे बारिश होने पर पानी बाहर जाने की बजाए नई आबादी की सड़कों पर भर रहा है।
कृषि विभाग के सहायक प्राविधिक सतीश चंद्र शर्मा का कहना है कि झमाझम बारिश होने से किसानों को सर्वाधिक लाभ हुआ है।