नगर पालिका परिषद के इंजीनियरों की लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी चलते शहर को जलभराव से निजात के लिए बन रहा पांच करोड़ रुपये की लागत से बुलंदशहर रोड पर नाला अधर में लटक गया है। ठेकेदार अतिक्रमण नहीं हटाए जाने का बहाना बनाकर काम बंद कर दिया है।
इसका खामियाजा शहर के लोग भुगत रहे हैं। हालांकि, अब चेयरमैन ने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है। जानकारी के अनुसार जदीद पुलिस चौकी से बुलंदशहर रोड आवास विकास तक सड़क के दोनों ओर
करीब डेढ़ किलोमीटर यानि की 3000 मीटर नाले का निर्माण का ठेका वर्ष 2016 के अंत में नगर पालिका परिषद ने लगभग पांच करोड़ रुपये में छोड़ा था। इसका ठेका किठौर के एक ठेकेदार समेत तीन लोगों को छोड़ा गया। जनवरी 2017 में काम शुरू कर दिसंबर के अंत तक कार्य पूरा होना था।
लेकिन मजे की बात यह है कि एक ठेकेदार ने 250 मीटर, दूसरे ने 200 मीटर और तीसरे ने 50 मीटर ही अब तक नाले का निर्माण कराया है। जबकि कार्य आरंभ होने के बाद छह माह का समय बीत चुका है। अब बारिश का सीजन सिर पर है।
अधूरे बने नाले में पानी भरने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ना लाजमी है। जलभराव से इस बारिश के सीजन में मुक्ति मिलना दूर की कौड़ी लग रही है। इस संबंध में एक ठेकदार नीरज से बात करने पर उनका कहना था कि जहां-जहां कार्य हुआ है, उससे आगे लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
ऐसे में नाले की खुदाई संभव नहीं है। इस समस्या से नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में काम बंद करना मजबूरी है।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मालती भारती का कहना है कि मामला काफी गंभीर है। वह इस मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही करेंगी तथा अतिक्रमण हटवाकर जल्द कार्य प्रारंभ कराएंगी।