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अब स्कूलों में छात्रों को मिलेंगे स्वाइन फ्लू से बचाव के टिप्स

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अब स्कूलों में छात्रों को मिलेेंगे
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स्वाइन फ्लू से बचाव के टिप्स

हापुड़। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित स्कूलों में छात्रों को प्रार्थना के समय स्वाइन फ्लू से बचाव की जानकारी दी जाएगी। मौसम के फेरबदल पर गंभीर सीएमओ ने डीआईओएस, बीएसए को पत्र लिखकर छात्रों को जागरूक करने की अपील की है।
इन दिनों मौसम का मिजाज स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। दिन के समय गर्मी और रात में सर्दी स्वाइन फ्लू के वायरस के लिए अनुकूल है। यह रोग एक से दूसरे मरीज में तेजी से फैलता है। जहां लोगों की संख्या अधिक होती है, इसका वायरस वहां अधिक सक्रिय होता है।
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स्कूलों में छात्र के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग अधिक गंभीर है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके सिंह ने बीएसए, डीआईओएस को पत्र लिखकर गंभीरता बरतने की हिदायत दी है। पत्र में लिखा है कि छात्रों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव की जानकारी दी जाए। प्रार्थना समय में छात्रों को जानकारी दी जा सकती है।
- स्वाइन फ्लू का शक होने पर यह करें-
*जिन बच्चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में परेशानी हो, उन्हें तत्काल स्कूल से घर भेज दें।
*खाना खाने से पहले व बाद में हाथ अवश्य धोने की सलाह दें।
*बुखार होने पर गर्म पानी का सेवन करें।
*जब भी खांसी/छींक आए, अपने मुंह तथा नाक को साफ कपड़े से ढक लें।
*भरपूर नींद लें, प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए ताजा पोषक, स्वास्थ्य वर्धक आहार लें।
*स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से दूर से बात करें।
- यह बरते सावधानी
*स्वाइन फ्लू छुआछूत एवं संक्रमण की बीमारी है। बीमार होने पर बाहर न निकलें।
*जगह-जगह पर थूके नहीं।
*गरिष्ठ भोजन न करें।
*अनावश्यक बार बार आंखों, नाक, मुंह को हाथों से न छुएं, हाथ न मिलाएं।
*चिकित्सक की सलाह के बगैर स्वयं चिकित्सा न करें।
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह का कहना है कि सभी स्कूलों में छात्रों को स्वाइन फ्लू से बचाव की जानकारी दी जाए। ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।
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