फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छापे से पहले ही बंद हो गये अवैध वाहन कटान के गोदाम

विज्ञापन
विज्ञापन
वाह री पुलिस! छापे से पहले ही वाहनों के ‘कमेले’ पर लटके ताले
विज्ञापन

हापुड़। वाह री जिला पुलिस! वाहनों के कटान को लेकर बृहस्पतिवार की सुबह छापामारी से पहले ही वाहनों के कमेले पर पर ताले लटक गए। इसको लेकर पुलिस अधिकारी भी अचंभित हो रहे हैं। हालांकि, इन गोदाम संचालकों पर पुलिस कार्रवाई की बात कह रही है। दरअसल, अमर उजाला में चार सितंबर को इस मुद्दे को लेकर समाचार के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।
जानकारी के अनुसार शहर में बड़े पैमाने पर वाहनों के कटान किए जा रहे हैं। अवैध कटान की शिकायत के पर बृहस्पतिवार को एसपी हेमंत कुटियाल के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी समरजीत सिंह ने टीम के साथ छापामारी की करने पहुंची। लेकिन मजे की बात यह है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही वाहनों के कमेले पर ताले लटक गए। वाहनों के कटान वाले गोदामों पर ताले देख पुलिस भी दुविधा में पड़ गई। पुलिस ने बुलंदशहर रोड, कमेला रोड, रामपुर रोड पर छापामार कार्रवाई की। लेकिन एक भी गोदाम पुलिस को खुला नहीं मिला। इस दौरान गोदामों के बाहर रखे सामान भी गायब थे। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के लोग चटकारे ले रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारी पूर्ण रूप से कटान बंद करने का दावा कर रहे हैं। जल्द ही गोदामों को सीज कर कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी समरजीत सिंह ने बताया कि गोदाम बंद मिले हैं। गोदाम सीज कर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार से अवैध कटान नहीं होना दिया जाएगा।
विज्ञापन



आखिर कौन है कबाड़ियों का मुखबिर

- पुलिस की मिलीभगत से चल रहा गोरखधंधा
- दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों की पुलिस भी कर चुकी है कार्रवाई
- खानापूर्ति के बीच कार्रवाई कर वापस लौटी पुलिस

दानिश
हापुड़। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही कबाड़ गोदामों पर ताला लटकना शहर के लोगों के गले नहीं उतर रहा है। पुलिस कार्रवाई से पूर्व ही दबिश की भनक लीक होना आश्चर्यजनक है।
शहर में अवैध कटान बड़े पैमाने पर होता है। यहां मेरठ के सोतीगंज के बाद सबसे बड़ा कारोबार हो रहा है। मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ सहित कई जिलों के कबाड़ी इस गोरखधंधे से जुड़े हैं।
विज्ञापन

यहां छोटे वाहनों से लेकर बड़े वाहन काटे जा रहे हैं। लेकिन स्थानीय पुलिस सदैव कार्रवाई से बचती है। जबकि मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली व हरियाणा पुलिस कई बार कार्रवाई कर कबाड़ियों के यहां से चोरी की कारों को लेकर छापे मार चुकी है। लेकिन स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से चलने वाले इस धंधे से अधिकारी भी अनजान हैं। ऐसे में कई बार कार्रवाई की योजना बनाई भी जाती है लेकिन कार्रवाई खानापूर्ति के बीच कागजों में सिमट जाती है। बृहस्पतिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही वाहनों के गोदाम पर ताले लटक गए थे। सड़कों से सामान तक गायब थे। ऐसे में पुलिस अधिकारी गोदाम पर ताला लटका देखकर बैरंग लौट आए। आश्चर्यजनक बात यह है कि पुलिस पूरे धंधे से अनजान बन खानापूर्ति के बीच कार्रवाई कर पीठ थपथपा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई पर लोग चटकारे ले रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें