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चोरी का सामान बरामद करने पहुंची पुलिस और पब्लिक में भिड़ंत

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चोरी का सामान बरामद करने पहुुंची पुलिस और पब्लिक में भिड़ंत
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गढ़मुक्तेश्वर। चोरी का सामान बरामद करने पहुंची कोतवाली पुलिस को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध बढ़ता देख पुलिस ने महिलाओं समेत परिजनों पर लाठियां भांजी। शोर होने पर घरों से बाहर निकलकर आए लोगों के खिलाफ भी बल प्रयोग किया गया। मामला बढ़ता देख शनिवार की सुबह भाकियू लामबंद हो गई। कार्यकर्ताओं ने एडीजी कार्यालय व कोतवाली पर जमकर हंगामा किया तथा धरना पर बैठ गए।
ब्रजघाट गंगानगरी में दो मई की रात को अवधूत आश्रम में चोरी की घटना हुई थी, लेकिन कई दिनों तक भी रिपोर्ट दर्ज न होने पर आश्रम संचालक स्वामी ब्रह्म स्वरूप ने एसपी से गुहार लगाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गढ़ पुलिस शुक्रवार की देर रात में सुशील निवासी युवक को हिरासत में लेकर ब्रजघाट पहुंची। चोरी का सामान बरामद करने के लिए पुलिस ने सुशील के मकान में घुसने की कोशिश की। लेकिन परिजनों समेत मोहल्ले वालों के विरोध करने पर पुलिस को उल्टे पांव बैरंग लौटना पड़ा। इसके बाद इंस्पेक्टर आरके राठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जहां चोरी हुए सामान को बरामद करने के मकसद से सुशील के घर का दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुस गई, जिसका विरोध करते हुए परिजन हंगामा करने लगे। लोगों ने पुलिस पर हमला बोल दिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने परिजनों समेत महिलाओं की भी लात घूसे और डंडों से धुनाई कर दी। चीख पुकार सुनकर आसपास के कई घरों में जाग होने पर अनहोनी की आशंका से भयभीत लोग बाहर निकल आए, लेकिन हंगामा होने के डर से पुलिस ने उनकी भी पिटाई कर दी। इसके बाद घरेलू उपयोग से जुड़े कुछ सामान के साथ ही पुलिस तीन महिलाओं समेत 14 लोगों को हिरासत में कोतवाली ले आई।
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तीन महिलाओं को जमानत पर छोड़ा, शेष को जेल भेजा
इंस्पेक्टर आरके राठी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन कर आश्रम से चोरी हुए सामान की बरामदगी करने गई पुलिस पर पथराव, अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा, जीप में नुकसान करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिनमें शामिल तीन महिलाओं निधि, सविता और विनीता को कोतवाली पर ही जमानत देकर रिहा कर दिया गया है। जबकि विनय मिश्रा, गौरव मिश्रा, मधुसूदन, मोनू, अरुण, छोटू, गुड्डू, सुशील, तिरषपाल, संजय, अमन को हापुड़ अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस पर मारपीट और लूटपाट करने का आरोप
पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुई निधि, सविता और विनीता का कहना है कि देर रात में पुलिस जबरन दरवाजा तोड़कर मकान में घुसी थी, जिसे बदमाश समझकर सभी परिजन बुरी तरह सहम कर शोर मचाने लगे थे। लेकिन अपने आपको पुलिस बताने की बजाए इंस्पेक्टर समेत सिपाहियों ने लात घूसों समेत लाठी डंडों से हमला कर दिया। महिलाओं का कहना है कि पुलिस के हमले में उन्हीं काफी चोट आई हैं, लेकिन इसके बाद भी पुलिस उन्हें घसीटती हुई जीप में डालकर कोतवाली ले आई। निधि का आरोप है कि उसके डेढ़ साल के दुधमुंहा बेटे सिद्धू को भी कोतवाली से घर को नहीं ले जाने दिया गया, जो रातभर भूख प्यास में बुरी तरह बिलबिलाता रहा।

कोतवाली पर हंगामे के बाद भाकियू ने एडीजी दफ्तर पर दिया धरना
ब्रजघाट गंगानगरी में महिलाओं से हुई मारपीट की घटना का पता लगते ही भाकियू में रोष फैल गया। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली त्यागी के नेतृत्व में ममता शर्मा, घायल महिला निधि, सविता, विनीता समेत दर्जनों कार्यकर्ता कोतवाली पर पहुंच गए, जिन्होंने हंगामा करते हुए पुलिस पर भू-माफियाओं से सांठगांठ कर महिलाओं समेत निर्दोष लोगों का खुला उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। वहीं दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने की दशा में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए भाकियू कार्यकर्ता घायल महिलाओं को साथ लेकर मेरठ को रवाना हो गए। जहां सूचना पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में एडीजी कार्यालय पर धरना देकर भाकियू कार्यकर्ता महिलाओं पर लाठी भांजने वाले पुलिस कर्मियों के निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।

धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं ने एएसपी की भी नहीं सुनी
राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के फरमान पर मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी और मंडल संगठन मंत्री डॉ. रामपाल चौहान के नेतत्व में दर्जनों कार्यकर्ता गढ़ कोतवाली का घेराव कर मैन गेट पर धरना देकर बैठ गए। इंस्पेक्टर आरके राठी ने धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को हटाने की भरसक कोशिश की, लेकिन नोकझोंक के बाद भी भाकियू कार्यकर्ता धरने से नहीं हट पाए। सूचना मिलते ही सीओ अशोक शुक्ल, एसओ रवि रतन बहादुरगढ़, एसओ नीरज कुमार सिंभावली भी गढ़ कोतवाली में आ गए, लेकिन भाकियू कार्यकर्ता धरने से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद एएसपी आरएम सिंह गढ़ कोतवाली में पहुंचे, जिन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता की। लेकिन मंडलाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, कार्यकारणी सदस्य शब्बू चौधरी, जिला महासचिव दिनेश त्यागी, तहसील अध्यक्ष श्याम सुुंदर समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भाकियू हाईकमान का कोई आदेश मिलने तक धरने से हटने के लिए साफ इंकार कर दिया। एएसपी ने कहा कि 23 मई तक आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है, इसलिए पुलिस निर्वाचन आयोग के नियम कानून में पूरी तरह बंधी हुई है। जिस पर मांगेराम त्यागी ने कहा कि अगर पुलिस भाकियू कार्यकर्ताओं को जेल भेजना चाहती है, तो इसके लिए हम सहर्ष पूरी तरह तैयार हैं।
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कोट-
एसपी डा. यशवीर सिंह का कहना है कि चोरी के माल की बरामदगी और अवैध कब्जे को हटाने के लिए गढ़ पुलिस पहुंची थी। जहां पुलिसकर्मियों के खिलाफ कुछ लोग लामबंद हो गए। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। विरोध में पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने की जानकारी मिली है।
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