भागवत श्रवण से परमानंद की प्राप्ति होती है : मनीष आचार्य
पिलखुवा। मनुष्य आत्मसात कर लेें तो जीवन से सारी उलझने समाप्त हो जाएंगी। भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है आवश्यकता है निर्मल मन ओर स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। यह विचार गांव डूहरी में चल रही श्रीमद भागवत के दूसरे दिन कथा वाचक मनीष आचार्य ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कथा भागवत श्रवण प्रेतयोनी से मुक्ति मिलती है। चित्त की स्थिरता के साथ ही श्रीमदभागवत कथा सुननी चाहिए। जब तक जीव माता के गर्भ में रहता है तब तक वह बाहर निकलने के लिये छटपटाता रहता है। कथा के दौरान विभिन्न झांकियां निकाली जाएगी। इस दौरान विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष दीपक तोमर, सुभाष तोमर, प्रो. बिशन सिंह तोमर, शिवराज सिंह, कृष्ण पाल सिंह, अमित, शिखर, अक्षय कुमार, बिल्लू पंडित, पारूल, सुमन, कविता, लक्ष्मी देवी, प्रमिला, चंदर मुखी, प्रज्ञा, अदिति समेत सैकड़ों लोग शामिल थे।