हाइवे का अधिकृत कट न खुलने के विरोध में भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन
गढ़मुक्तेश्वर। नेशनल हाइवे का अधिकृत कट न खुलने से परेशान चल रहे ग्रामीणों ने विरोध में प्रदर्शन किया। गांव में आने जाने को लंबा फेर काटने के साथ ही अनहोनी का डर भी सता रहा है।
कार्तिक मेले के दौरान हादसों की रोकथाम के मकसद से गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा के सामने हाइवे के अधिकृत कट को दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन मेला संपन्न होने के तीन सप्ताह बाद भी कट को नहीं खोला गया है, जिससे करीब 15 हजार की आबादी वाले गांव के महिला बच्चों समेत ग्रामीणों को आवागमन में खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। लगातार मांग करने के बाद भी हाइवे का अधिकृत कट न खोले जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने जनहित की अनदेखी के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जल्द राहत न मिलने पर स्वयं बैरियर हटाने की चेतावनी भी दी। अनीस खां, खालिद, सदाकत, वीरपाल, सुमित, जय सिंह, अनिल, महेंद्र, गुल्लू का कहना है कि हाइवे का अधिकृत कट न खोले जाने से महिला बच्चों समेत हजारों ग्रामीणों को गांव में आने जाने को लंबा फेर काटकर दूसरे स्थानों से निकलना मजबूरी बनी हुई है, जबकि हाइवे पर लंबा फेर काटने में अनहोनी का डर भी रहता है।
ग्रामीणों ने गांव बदरखा के सामने मेले के दौरान बंद किए गए हाइवे के कट को जनहित के मद्देनजर अविलंब खुलवाने की गुहार लगाई है।
एनएचएआई परियोजना निदेशक विनय बंसल का कहना है कि हाइवे किनारे स्थित गांवों में रहने वालों की सुविधा के लिए चौड़ीकरण के दौरान अधिकृत कट बनाए गए थे, जिन्हें उचित कार्रवाई के बिना स्थाई तौर पर बंद किया जाना संभव नहीं है।