बैंकों की अनदेखी से टीबी मरीजों को नहीं मिल रही आर्थिक मदद
हापुड़। बैंकों की लापरवाही से सरकारी अस्पतालों में टीबी का उपचार ले रहे हजारों मरीजों को पोषण योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। क्योंकि बैंक कर्मी सीएमओ के पत्र लिखने के बाद भी शून्य बैलेंस पर मरीजों का खाता नहीं खोल रहे हैं, जबकि योजना के तहत मरीजों के खाते में प्रत्येक महीना 500 रुपये दिए जाने हैं।
जिलेभर में टीबी के मरीजों की संख्या करीब तीन हजार पहुंच चुकी है। शासन ने मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण योजना चलाई है। इस योजना के तहत मरीजों को अच्छा खानपान के लिए 500 रुपये/महीना प्रोत्साहन के रूप में देने का प्रावधान शासन ने किया है।
लेकिन यह पैसा सीधे मरीजों के खातों में पहुंचना है, जिसके चलते उनका बैंक खाता होना जरूरी है। मुख्य बात यह है कि बैंक इन मरीजों का शून्य बैलेंस पर खाता खोलने को तैयार नहीं हैं, जबकि सीएमओ भी बैंकों को अपने स्तर से पत्र लिख चुके हैं। बहरहाल, पैसों के अभाव में मरीजों के खाते नहीं खुल पा रहे हैं, जिसके चलते उन्हें पोषण योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है। जिसके चलते मरीज परेशान हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि टीबी के मरीजों को 500 रुपये/महीने दिए जाने हैं। बैंक मरीजों का शून्य बैलेंस पर खाता नहीं खोल रहे हैं। इस संबंध में डीएम को भी पत्र लिखा गया है।