फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यातायात माह में भी जाम नहीं छोड़ रहा पीछा

विज्ञापन
विज्ञापन
यातायात माह में भी जाम नहीं छोड़ रहा पीछा
विज्ञापन

- बृहस्पतिवार को भी शहर में रुक रुककर लगता रहा जाम
- अतिक्रमण और सड़कों पर खड़े डग्गामार वाहन बढ़ा रहे परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। शहर में जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर बाजार में प्रतिदिन जाम लग रहा है। हाल यह है कि यातायात माह में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा किया जा रहा हो लेकिन ये समस्या बरकरार बनी हुई है। बृहस्पतिवार को भी शहर में रुक रुककर जाम लगता रहा। वहीं जिले के एक आलाधिकारी की कार भी जाम में फंस गई, जिसकी सूचना मिलते ही जैसे-तैसे जाम तो खुल गया, लेकिन अधिकारी के निकलते ही जाम फिर से लग गया।
पिछले माह कुछ दिन जाम से शहर के लोगों को राहत जरूर मिली थी, लेकिन इस माह यातायात माह होने के बावजूद शहर जाम के झाम में फंसा रहा। अवकाश के दिनों को छोड़ दे तो, कार्यदिवस के दौरान पूरे दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ा रहा है। बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन शहर में जाम लगा रहा। अधिकारियों के साथ-साथ एंबुलेंस भी जाम में फंसी नजर आयी। सबसे बड़ी बात है कि यातायात माह चल रहा है, इसमें ट्रैफिक पुलिस स्कूलों में कार्यशाला लगाकर बच्चों को यातायात के नियमों क ापालन करने के लिए पाठ पढ़ा रही है। लेकिन सड़क पर इन नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन


अतिक्रमण और डग्गामार वाहन बढ़ा रहे परेशानी
शहर के मुख्य चौराहों के आसपास अतिक्रमण ने सड़कों को भी संकरी कर दिया है, वहीं रही सही कसर डग्गामार वाहन पूरी कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे सड़कों के मुख्य चौराहों पर खड़े ये वाहन सभी नियम कायदे ताक पर रखते है। इसके चलते जाम की समस्या बढ़ जाती है। दबाव बढ़ने पर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन ये कार्रवाई केवल एक दिखावा बनती जा रही है। एक दो दिन की सख्ती के बाद फिर से वही स्थिति बन जाती है।
विज्ञापन


100 मीटर की परिधि में दो चौराहे बने मुसीबत
मेरठ रोड व तहसील चौपला के चौराहे के बीच लगभग 100 मीटर की दूरी है, वहीं इन चौराहों के पास बुलंदशहर, मेरठ, दिल्ली को जाने वाले बसें भी खड़ी हो जाती हैं। हालांकि मेरठ रोड पर रोडवेज बस डिपो है, वहीं दिल्ली रोड पर प्राइवेट बस अड्डा है, लेकिन न तो यहां बस खड़ी होती हैं और न ही सवारियां पहुंचती हैं। वहीं दोनों चौराहों पर वाहनों का दबाव भी ज्यादा रहता है, जिसके चलते एक चौराहे से निकलकर वाहन दूसरे चौराहों पर जाकर फंस जाते हैं। जिससे जाम की समस्या बन जाती है।

कोट-
एएसपी राम मोहन सिंह का कहना है कि जाम से निपटने के लिए सख्त आदेश दिए गए हैं। जाम लगने के कारणों की जांच कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें