400 मीटर के दायरे में तिल-तिल घुट रही गंगा
गढ़मुक्तेश्वर। मोक्षदायिनी गंगा की स्वच्छता के लिए केंद्र और प्रदेश सरकारें भले ही अरबों रुपये खर्च कर चुकी हों, लेकिन गढ़ क्षेत्र में करीब 400 मीटर के दायरे में बह रही गंगा को अब भी मुक्ति का इंतजार है। क्षेत्र में सात साल पहले एसटीपी योजना को स्वीकृति मिल चुकी है। बजट भी जारी हो चुका है। बावजूद इसके अब तक प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। नतीजतन, आसपास की फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों का लाखों लीटर दूषित पानी हर रोज गंगा में गिर रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2011 में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) को स्वीकृति मिली थी। तभी पहली किश्त भी जारी कर दी गई थी। तब से लेकर अब तक काम जारी है। ठेकेदार आनंदीलाल लालपुरिया और जलनिगम के जेई शिव कुमार ने बताया कि अब तक इस मद में करीब 34 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। बीते नौ महीने से कोई बजट नहीं मिला है। इसके चलते काम फिलहाल बंद है। एसटीपी शुरू न होने से दिन ब दिन क्षेत्र में जल प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। करीब 50 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में तकरीबन 4 फैक्ट्रियां हैं। ऐसे में रिहायशी इलाके और औद्योगिक क्षेत्रों से हर रोज कई लाख लीटर दूषित पानी गंगा में गिर रहा है। जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत हूण की याचिका पर सुनवाई के दौरान चार साल पहले केंद्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंगा में गिर रहे प्रदूषित पानी को बेहद गंभीर मुद्दा मानकर सिंभावली डिस्टलरी के संचालन पर रोक लगा दी थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही फैक्ट्री से फिर से शुरू हो गई।
पर्यावरणविद् प्रो.अब्बास अली ने बताया कि स्याना, सिंभावली और गजरौला की कई फैक्ट्रियों के अलावा गढ़-ब्रजघाट समेत किनारे के आसपास वाले दर्जनों गांवों का लाखों लीटर दूषित पानी प्रतिदिन गंगा की जलधारा में गिर रहा है। इसके दुष्प्रभाव से उन कई गांवों का भूजल भी तेजी से दूषित होता जा रहा है, जिनकी सीमा से होकर गंदे नाले गंगा में गिर रहे हैं।
अब तक नहंी जुड़े घरेलू कनेक्शन
घरेलू कनेक्शनों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम करीब आठ माह बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इससे एक ओर तो नयाबांस और ब्रजघाट में करोड़ों की लागत से बने सीवर ट्रीटमेंट चालू न हो पाने से लाखों लीटर दूषित पानी धड़ल्ले से गंगा में गिर रहा है। वहीं घरेलू कनेक्शन जोड़ने के दौरान मैन होल बनाए जाने से सड़कें टूटने पर लोगों को आवागमन में भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
कोट, फोटो के साथ
गंगा को स्वच्छ करना केंद्र और प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है। घरेलू कनेक्शन जुड़ते ही दोनों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करवा दिए जाएंगे। प्लांट शुरू होने के बाद किसी भी कीमत पर गंगा में दूषित पानी नहीं गिरने दिया जाएगा।
- कमल सिंह मलिक, क्षेत्रीय भाजपा विधायक
गंगा एक्शन प्लान के तहत साढ़े 46 करोड़ की लागत वाली सीवर योजना के तहत घरेलू कनेक्शन जोड़ने का काम चल रहा है। इसके पूरा होते ही गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर रोक लग जाएगी। फैक्ट्रियों से होकर गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर सख्ती के साथ रोक लगाने के मकसद से दूषित नालों को चिह्नित कराकर उन पर भी सख्ती से रोक लगवाई जाएगी।
- ज्योति राय, एसडीएम
एक कोट और आएगा