शोध संस्थानों के महत्व पर डाला प्रकाश
हापुड़। नई शिवपुरी में शोध परिषद के तत्वावधान में शोध संस्थानों की भूमिका विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता डा. तिलक सिंह ने कहा कि शोध संस्थान शोध कार्यों की प्रयोगशाला है। शोध संस्थान शोधार्थी, शोध निदेशक, शोध उपाधि समिति के संयोजक और शोध परीक्षकों की जन्मस्थली और कर्म स्थली है। विश्व विद्यालय शोध कार्यों के नियामक संस्थान है।
आवश्यकता यह है कि महाविद्यालयों के पुस्तकालय विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों की तरह पूर्ण आधुनिक हों। प्रत्येक पुस्तकालय में आधार ग्रंथों के साथ साथ शोधग्रंथ, शोध पत्रिकाएं और उच्च कोटि के आलोचनात्मक हैं।
डा. अब्दुल जलील ने कहा कि शोध केंद्र शोध प्रक्रिया के सशक्त रचनात्मक केंद्र हैं। डा. प्रभात कुमार ने कहा कि प्रत्येक शोध संस्थान में पूर्ण आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं की आवश्यकता है। इस मौके पर डा. कुंवरपाल शर्मा, डा. सीमा शर्मा, मीनू शर्मा, इंदु गोस्वामी, सत्यप्रकाश सागर, दिनेश कुमार ने भी विचार रखे।