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पर्ची किल्लत दूर न होने से तंग चल रहे किसानों ने हंगामा किया

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समय पर पर्ची न मिलने के विरोध में किसानों का हंगामा
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- मेरठ रोड पर शुगर मिल को गन्ना ले जा रहे वाहन रोके
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। गन्ना पर्ची न मिलने से किसान परेशान है। शुक्रवार को किसानों ने समय पर पर्ची न मिलने के विरोध में जमकर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने मेरठ रोड पर शुगर मिल पर ले जा रहे गन्ना वाहनों को भी रोककर जाम लगाया।
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गढ़ क्षेत्र के कई गांवों से आए किसानों ने शुक्रवार को नानपुर क्रय केंद्र पर धावा बोल दिया, जिन्होंने गन्ने की तौल बंद कराकर सिंभावली शुगर मिल को गन्ना लेकर जा रहे कई वाहनों को भी जबरन रोक दिया। इसके बाद गुस्साए किसानों ने पुलिस चौकी से थोड़ी दूरी पर अपने वाहन खड़े कर गढ़-मेरठ रोड पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों साइडों में लंबी कतार लगने से बेहद जरूरी कामकाज से इधर उधर आने जाने वालों को खूब दिक्कत झेलनी पड़ीं। नरेश गुर्जर, महिपाल, बलवान ने आरोप लगाया कि गन्ने की कटाई न होने से खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं, जिससे गेहूं और सरसों जैसी फसलों की बुआई को लेकर कोई बी तैयारी चालू नहीं हो पा रही हैं। पप्पू, धनवीर, नरेंद्र ने आरोप लगाया कि अकेले गांव नानपुर से जुड़े 6 सौ किसान सिंभावली गन्ना विकास समिति के सदस्य हैं, लेेकिन एक दिन में महज 15 पर्ची ही मिल पा रही हैं। जिससे जरूरतमंद और गेहूूं की बुआई की तैयारी कर रहे छोटी जोत वाले किसानों को अपना गन्ना बेहद सस्ते रेट में कोल्हू-क्रेशरों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। जयपाल, भूपेंद्र, कर्मवीर, देवेंद्र, वीर सिंह, राजपाल, रामपाल, राजेंद्र ने चेतावनी दी कि अगर पर्ची किल्लत दूर नहीं की गई तो फिर इसके विरोध में क्रय केंद्रों की तौल बंद कराकर शुगर मिल को जाने वाले गन्ने की सप्लाई को पूरी तरह रोक दिया जाएगा। सिंभावली शुगर मिल के एसीजीएम दिनेश शर्मा का कहना है कि पर्चियों का वितरण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग में कराया जा रहा है, क्योंकि इन दिनों मिल में औसतन प्रतिदिन 82 हजार कुंतल गन्ने की पेराई हो रही है। इसलिए मिल गेट समेत क्रय केंद्रों पर इससे अधिक गन्ने की खरीद के लिए ज्यादा पर्चियां भेजा जाना किसी भी तौर पर मुमकिन नहीं है। उन्होंने बताया कि गेहूं और सरसों की बुआई की तैयारी कर रहे किसान ही एक साथ ढेर सारी पर्ची हासिल करने की जुस्तजू कर रहे हैं।
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