पूर्वी फ्रेट कॉरीडोर परियोजना को मिलेगी रफ्तार
पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ जारी किए गए मुआवजे की रकम के वितरण और भूमि पर कब्जे की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं।
मंडल स्तर पर प्रक्रिया तेजी से पूर्ण करने के लिए परियोजना की मासिक समीक्षा की जा रही है।छह खंडों में पूरी होने वाली पश्चिम बंगाल के डानकुनी से पंजाब के लुधियाना तक की रेलवे की पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का बड़ा हिस्सा बुलंदशहर व हापुड सहित मेरठ से भी गुजरता है।
प्रस्तावित परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2017-18 से शुरू होना है। लेकिन अब तक इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम ही अधर में है। योजना में तेजी के लिए केेंद्र सरकार पहले ही 1564 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी कर चुकी है।
अब तक मात्र 571 करोड़ रुपये ही भूमि अधिग्रहण के लिए वितरित किए जा सके हैं। उधर, परियोजना हापुड़ के 17 गांवों से होकर गुजरेगी।
हापुड़ जिले के गांवों के मुआवजे वितरण के लिए 311.37 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। जबकि इस धनराशि में से मात्र से 157.89 करोड़ रुपये का वितरण ही किया जा सका है।
सरकार ने परियोजना को गति देने के लिए मुआवजा राशि के वितरण के आदेश दिए हैं। जबकि कुछ गांवों में मुआवजा वितरण के बाद भी भूमि पर कब्जा नहीं हो सका है। आसपास के जिलों में भी यही स्थिति है।
जिलाधिकारी कृष्णा कुरुनेश ने कहा कि पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की शुरुआत के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जिले में जल्द ही मुआवजा वितरण के मामलों को निस्तारित कर दिया जाएगा।