परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 22 हजार बच्चों के मीड डे मील पर संकट के बादल छा गए हैं। वजह, सरकार एक जुलाई से परिषदीय स्कूलों में आधार कार्ड वाले छात्रों को ही मिड डे मील का लाभ देने जा रही है।
जिले के स्कूलों में पढ़ रहे 22 हजार छात्र अब भी आधार कार्ड से वंचित हैं। स्कूलों में आधार कार्ड बनाने की पहल शुरू भी हुई, लेकिन अवकाश के चलते बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में अधिकारी एमडीएम वितरण को लेकर उहापोह की स्थिति में हैं।
जिले में संचालित करीब 700 परिषदीय स्कूलों में 70 हजार छात्र पंजीकृत हैं। इनमें मौके पर छात्र संख्या आमतौर पर कम ही मिलती है। एमडीएम भी शिक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार सभी छात्रों को बंटता दिखाया जाता है, इससे एमडीएम में बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा था।
इस समस्या से उबरने के लिए सरकार ने सभी छात्रों का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। बिना आधार कार्ड के छात्रों को एमडीएम भी नहीं दिया जाएगा। परिषदीय स्कूलों के सभी छात्रों का आधार कार्ड बन सके, इसके लिए स्कूलों में आधार कार्ड बनाना की भी योजना शुरू की गई थी।
बेसिक विभाग के अनुसार अब भी स्कूलों में अध्ययनरत करीब 22 हजार छात्रों के आधार कार्ड नहीं बन सके हैं। जुलाई से सिर्फ उन्हीं छात्रों को एमडीएम बांटने की बात कही जा रही है, जिनके आधार कार्ड बने हुए हैं। ऐसे में हजारों छात्रों के एमडीएम पर अब संकट के बादल छाते नजर आ रहे हैं।
एमडीएम प्रभारी जुनैद मलिक का कहना है कि सरकार की मंशा आधार कार्ड वाले छात्रों को ही एमडीएम उपलब्ध कराना है, ताकि एमडीएम योजना में पारदर्शिता आ सके। छात्रों के आधार कार्ड बनवाए जा रहे हैं।