हापुड़। जिले में 22 करोड़ की लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्य कराएंगे जाएंगे। बोर्ड बैठक में शहर के विकास के साथ सफाई, पेयजल, कुत्ते और बंदरों के आतंक का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। बंदरों और कुत्तों की समस्या से निजात पाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। बैठक में 126 करोड़ रुपये का आय व्यय का ब्योरा रखा गया। जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। कुल मिलाकर 64 प्रस्तावों को सभी सभासदों की सहमति के बाद मंजूरी मिली। बैठक के दौरान कर निर्धारण अधिकारी और विधायक की गर्मागर्मी भी चर्चा का विषय रही।
बुधवार को हापुड़ नगर पालिका सभागार में नए कार्यकाल की पहली बैठक पालिका अध्यक्ष पुष्पा देवी की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू हुई। जिसमें 41 वार्डों में नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग व सीसी रोड निर्माण के लिए करीब 22 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे गए। जिन्हें सभी सभासदों ने सहमति दी। सभासद नितिन पाराशर ने कहा कि पुरानी गाड़ियों की मरम्मत में काफी खर्चा आ रहा है, इन्हें बदलकर नई गाड़ी ली जाए ताकि पालिका का खर्च कम हो सके। उन्होंने कहा कि नगर पालिका से संबंधित कई न्यायालयों में ऐसे मुकदमे चल रहे जिसमें जीत मुश्किल है। ऐसे मामलों में पैरवी में पालिका का काफी व्यय हो रहा है। इसको लेकर विचार किया जाए।
नदीम, मुशीर, रिजवान, नितिन पाराशर सहित अन्य सभासदों ने कहा कि शहर में कितनी कूड़ा गाडिय़ों का संचालन हो रहा है, इसकी जानकारी सभी को दी जाए। क्योंकि कई-कई दिनों तक मोहल्लों में कूड़ा गाड़ी नहीं पहुंच पाती हैं। गाड़ियों पर तैनात हेल्परों के नाम पर लाखों रुपये का वेतन कागजों में दिया जा रहा है, लेकिन मौके पर कोई हेल्पर तैनात नहीं होता है।
रुद्राक्ष त्यागी, पोहित, नदीम सहित कुछ सभासदों ने कहा कि बोर्ड बैठक में बेहतर माइक की व्यवस्था कराई जाए आवाज न आने के कारण दिक्कत होती है। विकास दयाल ने कहा कि शहर में दो जगह पालिका द्वारा वाईफाई की सुविधा दी जा रही है यह सेवा कम से कम दस स्थानों पर उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा पालिका में तैनात कर्मचारियों वेतन ऑनलाइन माध्यम से दिया जाए, जिससे पारदर्शिता आए। बैठक में प्रकाश व्यवस्था, वाहनों और भवनों के रखरखाव, कानूनी व्यय, आउटसोर्सिंग कर्मियों सहित 126 करोड़ रुपये के 64 प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
टैक्स में दी जाए राहत-
पालिका सदस्य अब्दुल मलिक ने कहा कि कई मामलों में टैक्स काफी अधिक है, ऐसे में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसलिए लोगों की सुविधा को देखते हुए टैक्सों में राहत दी जाए। इसके अलावा नगर पालिका की दुकानों की दुकानों के किराए में वृद्धि कर दी गई, जिसे कम किया जाना चाहिए।
आवारा कुत्ते और बंदरों का मुद्दा उठा-
पालिका सदस्य मोनू बजरंग, रुद्राक्ष त्यागी, आदित्य सूद, नितिन पाराशर समेत अनेक सभासदों ने आवारा कुत्ते और बंदरों की समस्या को जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा कि इनके कारण शहरवासी परेशान हैं और इस समस्या का निस्तारण किया जाए। इस पर एक माह के अंदर टेंडर जारी कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया।
पेयजल की समस्या से मिलेगा छुटकारा-
शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल की समस्या को भी सभासदों द्वारा बोर्ड बैठक में उठाया गया। जिस पर अधिकारियों ने कहा कि पेयजल समस्या को दूर करने के लिए मिनी नलकूप लगाए जाएंगे और जिन इलाकों में पाइप लाइन नहीं है वहां पाइप लाइन बिछवाकर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।
विधायक और कर निर्धारण अधिकारी में हुई नोकझोंक
टैक्स के मुद्दे पर विधायक विजयपाल आढ़ती ने कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार से सवाल किया तो उन्हें अटपटा जवाब मिला। अधिकारी ने विधायक से स्पष्ट कह दिया कि जब बजट ही नहीं है तो क्या विकास कार्य हम अपनी जमीन बेचकर कराएं। जिसको लेकर विधायक नाराज हो गए और विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे थोड़ी देर के लिए माहौल गर्मा गया। बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों ने मामला शांत कराया।