गंगा खादर के इलाके की तस्वीर चंबल के बीहड़ जैसी
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा खादर के इलाके की तस्वीर चंबल के बीहड़ से कम नहीं है। किसान की हत्या से पहले इसी कृषि फार्म के मालिक और उसके कातिल की भी हत्या हो चुकी है। ये इलाका बॉर्डर पर होने के चलते अपराधी आसानी से एक से दूसरे जनपद में भाग जाते हैं।
गंगा नदी से जुड़े खादर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बेहद पेचीदा है। एक तरफ ऊबड़ खाबड़ रास्ते होने से पुलिस जहां नियमित गश्त तक नहीं कर पाती है। वहीं हापुड़, मेरठ और अमरोहा जनपद का बॉर्डर भी आपस में जुड़ा होने से संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद बदमाश बड़ी आसानी के साथ पुलिस के पहुंचने से पहले ही सुरक्षित ढंग में निकलकर एक से दूसरे जनपद में जाकर छिप जाते हैं। वहीं गंगा को पार किए बिना ही गढ़ की साइड से जुड़े जनपद अमरोहा के गांवों में भी शरण लेना उनके लिए बेहद आसान रहता है। खादर क्षेत्र में हजारों बीघा भूमि से जुड़े कई कृषि फार्म हैं, जिनमें अधिकांश के मालिक बाहरी प्रांतों से जुड़े हैं। इससे आसपास के गांवों से जुड़े लोगों को उनमें आने जाने वालों की गतिविधियों पर नजर रख पाना आसान नहीं होता है। वहीं पुलिस जनपदीय सीमा विवाद में उलझकर अपने दामन को पाक साफ बचाने की जुस्तजू करने लगती है। जिस कृषि फार्म में बुलंदशहर के किसान मोनू की हत्या हुई है, उसके मालिक और विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी डीएस वर्मा का 13 अक्तूबर वर्ष 2016 की रात में कार और रिवाल्वर समेत अपहरण कर शव को नहर में फेंक दिया गया था। इसका खुलासा कर पुलिस ने मेरठ के गांव भड़ौली के विक्रांत उर्फ जोनी समेत तीन युवकों को गिरफ्तार कर कार और रिवाल्वर बरामद की थी। जमानत पर रिहा होकर आया विक्रांत उर्फ जोनी कुछ ही दिन बाद कृषि फार्म पर कब्जा करने पहुंच गया था, जहां गोली लगने से दिसंबर वर्ष 2017 में उसकी मौत हो गई थी।
मथुरा के प्रसिद्ध चिकित्सक का अपहरण कर बदमाशों ने खादर के जंगल में वसूली थी लाखों की फिरौती
- जनपदीय बॉर्डर और मुफीद भौगोलिक स्थिति होने से वेस्टर्न यूपी ही नहीं बल्कि आसपास के कई राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाश गंगा खादर के जंगल में आकर फरारी काट जाते हैं, जिसकी पुलिस क कोई भनक लग पाना आसान नहीं होता है। करीब बीस वर्ष पहले मथुरा के जाने माने चिकित्सक माहेश्वरी का अपहरण कर बदमाशों ने गंगा खादर के जंगल में कई दिनों तक उन्हें बंधक बनाए रखा था और लाखों की फिरौती वसूलने के बाद ही रिहा किया था। पीड़ित चिकित्सक को वापसी के दौरान एक कृषि फार्म में घोड़े दिखाई दिए थे, जिसके आधार पर मथुरा, मेरठ और गाजियाबाद पुलिस ने संयुक्त छापामारी कर बदमाशों को दबोचकर फिरौती में वसूली गई लाखों की रकम बरामद कर मामले का खुलासा किया था।