कठिन डगर से मुश्किल हो रहा सफर
गढ़मुक्तेश्वर। नेशनल हाइवे समेत अधिकांश सड़कों में हो रहे गड्ढे हादसों को खुला न्योता दे रहे है। वहीं आम जनता को आवागमन में हो रहीं दिक्कतों के बाद भी सीवर लाइन बिछाने से लेकर मैनहोल बनाने को तोड़ी गईं सड़कों की जल निगम अपेक्षित स्तर पर कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
प्रदेश सरकार की गड्ढामुक्त सड़कों की योजना गढ़ ब्रजघाट गंगानगरी में बेमानी साबित हो रही है। गंगा एक्शन प्लान के तहत सन् 2011 में प्रारंभ हुई साढ़े 46 करोड़ की लागत वाली एसटीपी योजना घरेलू कनेक्शन जोड़ने का काम अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो पाई है। गढ़ में पुरानी दिल्ली रोड, नक्का कुआं रोड, मीरा रेती रोड, तहसील रोड और ब्रजघाट में भी अधिकांश सड़कों की खस्ता हालत दुरुस्त नहीं हो पा रही है। सड़कों के गड्ढे आवागमन में दिक्कतों के साथ ही हादसों की वजह भी बन रहे हैं, लेकिन धरना प्रदर्शन करने के बाद भी जल निगम सुध लेने को तैयार नहीं है।
होटल कारोबारी भगवान दास का कहना है कि पुरानी दिल्ली रोड पर करोड़ों की लागत से सड़क चौड़ीकरण समेत फ्लाई ओवर का निर्माण हुआ था, जिससे जाम के झाम से निजात मिलने के साथ ही आवागमन में खूब राहत मिली थी।
सचिन रावल का कहना है कि सीवर लाइन को हुई खुदाई समेत मैनहोल बनाने को तोड़फोड़ होने से मीरा रेती और तहसील रोड समेत अधिकांश सड़कों में गड्ढे हो रहे हैं, जिनमें गंदा पानी भरने से पैदल चलना दुश्वार होने के साथ ही लोग गिरकर घायल तक हो चुके हैं।
विहिप के पूर्व नगराध्यक्ष अनुराग त्यागी का कहना है कि नक्का कुआं मंदिर और मेला रोड की सड़क में भी जगह जगह गड्ढे हो रहे हैं, जिससे स्कूल कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों समेत मंदिर में पहुंचने वाले भक्तों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
पालिका चेयरमैन सोना सिंह और ईओ अमिता वरुण का कहना है कि सीवर लाइन बिछाने और मैनहोल बनाने को तोड़ी गईं सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने के लिए जल निगम को रिमाइंडर भिजवाया गया है, जबकि पालिका स्तर से सुभाष गेट से लेकर मीरा रेती चौक तक बीच में डिवाइडर और दोनों साइड की सड़क बनवाई जा रही है।
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी का कहना है कि जल निगम और पालिका प्रशासन समेत संबंधित विभागों को जर्जर सड़कों की बहुत जल्द मरम्मत कराने का कड़ा निर्देश दिया गया है, जिसमें कोई भी लापरवाही होने पर विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी।