गुलाब की 300 प्रजातियों से महक रही बगिया
हापुड़। लाल और गुलाबी रंग के गुलाब तो आपने खूब देखे होंगे। लेकिन एक ही पौधे पर अनेक रंगों वाली पंखुड़ियों के गुलाब खिलते देखकर आप भी देखते रह जायेंगे।
मेरठ रोड पर असौड़ा की पुलिया के पास एक रोज गार्डन में गुलाब की 300 प्रजातियां ऐसी हैं, जिसमें प्रत्येक पौधे पर विभिन्न रंगों वाली पंखुड़ियों के फूल खिलते हैं। इस बगियां से खुशबूदार फूलों से रोजाना शहर के तीन प्रमुख मंदिरों में श्रृंगार कराया जाता है।
ज्ञानलोक निवासी स्वर्गीय सत्यप्रकाश अग्रवाल की तरह उनके पुत्र अनिल अग्रवाल भी प्रकृति प्रेमी है। उनका मेरठ रोड पर सत्यप्रकाश गुलाब वाटिका के नाम से रोज गार्डन है। जिसमें देशभर के अनेक इलाकों में उगने वाले गुलाब की प्रजातियों को बहुत ही सुंदरता से संजोया गया है।
अनिल अग्रवाल ने बताया कि फार्म में देसी लाल गुलाब के साथ साथ विभिन्न रंगों के 300 से अधिक प्रजातियों के गुलाब के पौधे लगे हुए हैं। इन प्रजातियों को बंगलौर, लखनऊ, कोलकाता, पूना की प्रसिद्ध गुलाब नर्सरियों से मंगवाया गया है।
रोज गार्डन में गुलाब काले, पीले, सफेद, नारंगी, हरे, बैंगनी, जामनी, पिंक, मॉव, वॉयलेट, केसरिया समेत तमाम रंगों के फूल खिले हैं। इनमें रंगों का लाइट व डार्क शेड्स आकर्षक का केंद्र बन रहा है। एक ही पौधे पर गुलाब के दो-तीन रंग, अनेक रंग की धारियां, वैरायटी इसकी विशेषता को बताती है।
रोजगार्डन में गुलाब की एक विशेषता यह भी है कि एक ही पौधे पर फूलों के 50 फूल तक खिलते हैं, जिनके आकार एक दूसरे से भिन्न हैं। अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनका उद्देश्य फार्म में गुलाब की 500 प्रजातियां तैयार करना है, जो अपने में एक कीर्तिमान होगा। हाल फिलहाल में अनेक राज्यों से गुलाब की 50 और प्रजातियों के पौधे मंगवाए गए हैं।
नगर के प्रमुख तीन मंदिर चंडी मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, राधा वल्लभ मंदिर के श्रृंगार में इन फूलों का प्रयोग किया जाता है। प्रतिदिन रोज गार्डन से फूलों को मंदिर ले जाकर प्रभु का श्रृंगार होता है, इससे मंदिर फूलों की खुशबू से महक उठते हैं।