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स्वाइन फ्लू से जिले में दूसरी मौत! प्रशासन में हड़कंप

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स्वाइन फ्लू से जिले में एक और मौत!
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स्वास्थ्य अफसरों की अनदेखी से एक और मरीज ने स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि दिल्ली के अस्पताल ने मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की थी।

हालांकि स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने फिलहाल इससे इंकार किया है। वहीं मृतक के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर बचाव के लिए दवाएं न देने का आरोप लगाया है।
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गिरधरपुर गांव निवासी 45 वर्षीय विनोद बाना बुखार से पीड़ित थे। करीब आठ दिन पहले उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।

इसके बाद मरीज को अपोलो के स्वाइन फ्लू वार्ड में वेंटिलेटर पर रखा गया था। उपचार के दौरान बाना ने बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे दम तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि वह स्वाइन फ्लू के संबंध में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को अवगत करा चुके हैं। विभागीय अफसरों ने एक टीम को जांच के लिए भेजा था, लेकिन टीम उन्हें बचाव के लिए दवाएं दिए बिना ही लौट गई।

टीम ने परिजनों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने की हिदायत दी। मृतक के भाई पप्पू का कहना है कि गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिन्हें स्वाइन फ्लू का भय सता रहा है, लेकिन विभागीय अफसर इसे लेकर गंभीर नहीं हैं।

चंद्रलोक कॉलोनी में हुई महिला की
मौत को भी नहीं मान रहे स्वाइन फ्लू
बीते दिनों चंद्रलोक कॉलोनी में एक महिला ने स्वाइन फ्लू के चलते दम तोड़ दिया था। मृतका के परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने महिला की मौत का कारण छिपाने के लिए चिकित्सकों द्वारा की गई स्वाइन फ्लू की पुष्टि की रिपोर्ट को ही गायब कर दिया था।

मरीज की जांच की तमाम रिपोर्ट देख ली गई हैं। इसमें स्वाइन फ्लू जैसा कोई मामला नहीं है। फेफड़ों के संक्रमण से मरीज की मौत हुई है। हालांकि गहन जांच के लिए अपोलो अस्पताल से जानकारी जुटायी जा रही है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए विभाग में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। जांच के लिए मरीज का सैंपल दूसरे जिलों में स्थित लैब में भेजा जाता है।

- डॉ. एके सिंह, सीएमओ

सरकारी अस्पतालों में नहीं है स्वाइन फ्लू की जांच के इंतजाम
जिले में स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं चेत नहीं रहा है। आलम यह है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच के कोई इंतजाम नहीं हैं। संदिग्ध मरीज के सैंपल जांच के लिए मेरठ या गाजियाबाद भेजे जाते हैं।
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स्वाइन फ्लू को लेकर शासन अलर्ट जारी कर चुका है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शुरुआत से ही जिले में स्वाइन फ्लू जैसे बीमारी नहीं फैलने का दावा कर रहे हैं। हालांकि बीते दिनों मोदीनगर रोड के चंद्रलोक कालोनी निवासी महिला और अब गिरधरपुर में 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत से विभागीय अफसरों की पोल खुलती जा रही है।

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