छह गांवों के किसानों ने घेरा डीसीओ कार्यालय
हापुड़। कुचेसर रोड चौपला क्षेत्र के छह गांवों के सैकड़ों किसानों ने उनके गांवों में पहले से लगते आए साबितगढ़ शुगर मिल के तोल केंद्रों को हटाए जाने के विरोध में जिला गन्ना अधिकारी का घेराव कर कार्यालय के बाहर जोरदार हंगामा व धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित किसानों को शांत करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। डीसीओ द्वारा सिंभावली गन्ना समिति के सचिव को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद किसान शांत हुए।
आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि कुचेसर किला, बनखंडा, रसूलपुर, लुखराड़ा, सिकंदरपुर, बलवापुर गांव में बीते वर्ष बुलंदशहर जिले के साबितगढ़ शुगर मिल के गन्ना खरीद केंद्र लगे थे। यह मिल किसानों को 15 से 20 दिन में गन्ने का भुगतान कर देता है। इसके चलते ग्रामीण उक्त मिल से काफी खुश थे, लेकिन गन्ना विभाग के अफसरों ने लखनऊ में आयोजित बैठक में उच्चाधिकारियों को गुमराह कर, इन गांवों में लगे साबितगढ़ शुगर मिल के तोल केंद्रों को हटवा दिया है, जबरन हापुड़ जिले के शुगर मिलों के केंद्र यहां लगवाए जा रहे हैं। आरोप है कि हापुड़ के शुगर मिल किसानों को गन्ना भुगतान समय पर नहीं करते, इसके चलते वह अपने गांवों में इन मिलों का तोल केंद्र लगवाना ही नहीं चाहते हैं।
मुख्य बात यह है कि ग्रामीणों ने गन्ना मंत्री से इस मामले में शिकायत की थी, जिसके बाद गन्ना मंत्री ने स्थानीय डीसीओ को फोन कर, किसानों की समस्या का निस्तारण कराने व उनके गांवों में उनकी इच्छानुसार शुगर मिल के तोल केंद्र लगवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अफसरों ने मंत्री के आदेशों की भी धज्जियां उड़ा दी।
इसके विरोध में ग्रामीणों ने जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया, साथ ही धरना देकर नारेबाजी भी की। मौके पर शांति व्यवस्था बनाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस मौके पर प्रदर्शन करने वालों में जयवीर सिंह, अजयवीर सिंह, नरेश कुमार, सतेंद्र सिंह, कर्मवीर सिंह, मलखान सिंह, संजय, राकेश कुमार, मांगे त्यागी, यशपाल आदि मौजूद रहे।
किसान छोटल सिंह ने बताया कि उनके गांव में साबितगढ़ शुगर मिल के तोल केंद्र लगे थे, यह मिल 15-20 दिन के अंदर गन्ने का भुगतान कर देता है, लेकिन गन्ना विभाग के अफसरों ने इन केंद्रों को हटाकर हापुड़ के शुगर मिलों के केंद्र लगाने की संस्तुति कर दी है।--फोटो संख्या--03
किसान मोहित त्यागी ने बताया कि गन्ना विभाग के अफसर जान बूझकर किसानों को ऐसे मिलों से जोड़ना चाहते हैं जो किसानों को गन्ना भुगतान नहीं करते। इसी वजह से उनके गांवों में बीते साल लगे शुगर मिल के केंद्रों को हटा दिया गया है।--फोटो संख्या--04
किसान विजय शर्मा ने बताया कि पूरे वर्ष मेहनत कर वह गन्ना की फसल तैयार करते हैं, लेकिन भुगतान के नाम पर उन्हें भटकना पड़ता है। वह हापुड़ की शुगर मिलों को गन्ना नहीं देना चाहते।--फोटो संख्या--05
किसान राजेंद्र शर्मा ने बताया कि हापुड़ के शुगर मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना भुगतान है। प्रशासन भुगतान तो दिलाना नहीं चाहता, बल्कि ऐसे मिलों के केंद्रों को गांवों से हटा रहा है जो किसानों को समय पर भुगतान करते हैं। इस असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -फोटो संख्या-06
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह का कहना है कि किसानों की मांग पर सिंभावली गन्ना समिति के सचिव को नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।