चेतावनी से सिर्फ 23 सेंटीमीटर दूर गंगा
गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से लगातार अतिरिक्त पानी छोड़े जाने और पहाड़ों व मैदानों में हो रही बारिश के चलते गंगा का उफान जारी है। नदी खतरे के निशान से महज 23 सेंटीमीटर दूर है। खादर क्षेत्र के हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से फसलें बर्बादी हो रही हैं।
पहाड़ों समेत मैदानी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी न रुकने से गंगा नदी तेजी के साथ चेतावनी के निशान की तरफ बढ़ती जा रही है। गंगा नदी में आ रहे उफान से खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को चौतरफा दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। निचले जंगल में भरा पानी बढ़ने से गन्ना, चारा, धान समेत हजारों बीघा फसल बर्बादी हो रही है। बिजनौर बैराज से लगातार अतिरिक्त जल छोड़े जाने का सिलसिला भी जारी है। इससे सोमवार की शाम जलस्तर बढ़कर 198.80 मीटर पर पहुंच चुका है। चेतावनी का निशान अब महज 23 सेंटीमीटर दूर रह गया है। सोमवार को भी बिजनौर बैराज से एक लाख 47 हजार 485 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो मंगलवार देर शाम तक ब्रजघाट पहुंच जाएगा।
फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं
तहसील प्रशासन ने कोई भी लापरवाही होने पर बाढ़ राहत चौकियों के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। एसडीएम ज्योति राय और नायब तहसीलदार संजय ने खादर क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लेखपालों समेत राजस्व टीम को बाढ़ संभावित गांवों की स्थिति पर नजर रखकर तहसील मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम को रिपोर्ट भेजने का जिम्मा सौंपा हुआ है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बाद भी फिलहाल बाढ़ आने की कोई संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी गंगा की तलहटी में बसे गांवों में रहने वालों को चौकस रहने की हिदायत दी जा रही। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को सतर्क किया हुआ है, इसलिए कोई भी लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।