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शहर के तीन प्रमुख प्लाजा पर हाईकोर्ट का शिकंजा--

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दुकान बनाकर बेच दिया पार्किंग स्थल
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शहर के पॉश इलाकों में शुमार रेलवे रोड स्थित तीन व्यावसायिक प्लाजा के बेसमेंट को पार्किंग स्थल में बिल्डरों ने दुकानें बनाकर करोड़ों रुपये डकार गए।

इस मामले में हाईकोर्ट ने एचपीडीए को कार्रवाई का आदेश दिया तो आनन-फानन में प्राधिकरण के अफसरों ने तीनों प्लाजा के बेसमेंट में बनी दुकानों को सील करने का नोटिस चस्पा कर दिया है।

साथ ही एचपीडीए ने ध्वस्तीकरण से पहले दुकानदारों को दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। इससे 60 से अधिक दुकानदारों के सामने रोजीरोटी का सवाल खड़ा हो गया है।
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जानकारी के अनुसार जनहित याचिका में हाईकोर्ट को जानकारी दी गई थी कि रेलवे रोड पर बने सिटी प्लाजा, लक्ष्मी प्लाजा और विष्णु प्लाजा में बिल्डर ने प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराते समय बेसमेंट में पार्किंग स्थल के लिए स्थान आरक्षित किया था।

लेकिन तीनों प्लाजा के बेसमेंट में बिल्डर ने मनमानी कर 60 से अधिक दुकानें बनाकर करोड़ों रुपये में बेच दी। इसके चलते प्लाजा में जाने वाले ग्राहक अपनी वाहनों को सड़क पर पार्क करते हैं। इसके चतले शहर में जाम के हालात रहते हैं।

इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दो न्यायाधीशों सुधीर अग्रवाल और दया शंकर त्रिपाठी की बेंच ने प्रदेश सरकार समेत हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को भी पक्षकार बनाकर तलब किया।

साथ ही अवैध निर्माण को एक माह के भीतर ध्वस्त कराकर पार्किंग बनाकर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
इस संबंध में प्राधिकरण की ओर से 30 जून को शपथ पत्र दिया गया कि प्राधिकरण में नए उपाध्यक्ष आए हैं।

हालांकि संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद 6 सप्ताह में कृत कार्यवाही से अवगत कराने का आदेश प्राधिकरण के अधिकारियों को दिया।

हालांकि इससे पहले ही प्राधिकरण के अधिकारियों ने तीनों प्लाजा के बाहर, अवैध बनी दुकानों को सील करने तथा खाली कराने के नोटिस शनिवार को चस्पा करा दिए हैं।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गया प्रसाद की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि दुकानें खाली नहीं की गई तो ध्वस्तीकरण के समय होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी।

दरअसल, तीनों प्लाजा में करीब 60 दुकानदार है जिनका अरबों रुपया कारोबार में फंसा है। ऐसे में ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो भविष्य ही बताएगा। फिलहाल बिल्डर और कारोबारियों की नींद उड़ गयी है।
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हाईकोर्ट जाएंगे बिल्डर
तीनों प्लाजा के निर्माण कराने वाले बिल्डर अनिल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने प्राधिकरण के मानचित्र के अनुसार बेसमेंट में पार्किंग स्थल के लिए पर्याप्त जगह छोड़ रखी है।

वह इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। प्राधिकरण की कार्रवाई से सैकड़ों दुकानदारों के सामने रोजी रोज का सवाल खड़ा हो गया है।
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