थमने लगे ट्रकों के पहिये, बेदम इंडस्ट्रीज
शिवरात्रि को लेकर कांवड़ियों का शहर में आगमन तेज हो गया है। शिविरों में चहल-पहल बढ़ गई है। उधर, हाईवे पर भारी वाहनों की नो एंट्री से इंडस्ट्रीज बेदम हो गई हैं।
जहां रूट डायवर्ट होने के कारण ट्रकों के पहिये थमने लगे हैं, वहीं अधिकतर फैक्ट्रियों के कर्मचारी कांवड़ लेने के लिए छुट्टियां लेकर हरिद्वार रवाना हो गईं हैं।
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस ने रूट डायवर्जन को अमल में लाना शुरू कर दिया है। मेरठ से दिल्ली की ओर आने जाने वाले वाहनों को हापुड़ से होकर निकाला जा रहा है।
इसके अलावा दूसरे शहरों में भी इसी प्रकार से भारी वाहनों को लंबे रास्तों से निकाला जा रहा है। लंबे रूट और दूसरी परेशानियों को देखते हुए माल से भरे ट्रक रुकने शुरू हो गए हैं।
रविवार को किठौर रोड, बुलंदशहर रोड और बाईपास किनारे जगह-जगह ट्रक खड़े दिखाई दिए, जिसका असर उद्योगों पर पड़ रहा है। जानकारों की माने तो कांवड़ यात्रा के दौरान कई दिन से कामकाज ठप्प जैसा हो गया है।
अब इंडस्ट्रीज में केवल 20 फीसदी ही कार्य हो रहा है। कच्चा माल न होने के साथ-साथ अधिकतर लेबरों की छुट्टियां होने के कारण भी यह कार्य अटका पड़ा है।
आईआईए के चेयरमैन सोनू चुग ने बताया कि 60 फीसदी लेबर कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार रवाना हो गई है। शिवरात्रि तक इंडस्ट्रीज की हालत खस्ता ही रहेगी।