हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा के साथ दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री बाबूगढ़ के इंटर कॉलेज की कक्षा 9 की छात्रा है। गांव का ही अंकुर स्कूल छोड़ने के बहाने अपनी बाइक पर बैठा लेता था। आरोप था कि 11 फरवरी 2020 को जब उसकी पुत्री स्कूल जा रही थी तो रास्ते में अंकुर ने स्कूल छोड़ने के बहाने बाइक पर बैठा लिया और पुत्री को स्कूल न ले जाकर उसे एक फार्म हाउस पर ले जाकर दुष्कर्म किया। पुत्री ने डर की वजह से उसे यह बात नहीं बताई।
12 फरवरी 2020 को उसकी पुत्री ने सारी बातें उसकी पत्नी को बताई। बाबूगढ़ पुलिस ने अभियुक्त अंकुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिए।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त अंकुर को दोषी करार दिया। उन्होंने दोषी को 20 वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा देय होगी।