हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कारावास व 12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाना सिंभावली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री के साथ गांव का ही रहने वाला युवक रविंद्र करीब 20 दिन से लगातार छेड़छाड़ कर रहा था। 13 दिसंबर 2021 की रात को करीब 10 बजे आरोपी रविंद्र उनके घर पर पहुंचा और उनकी पुत्री को अकेला देखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान वह और अन्य परिजन घर से बाहर एक शादी में गए हुए थे।
जब वह वापस लौटे तो पुत्री बदहवास हालत में मिली। उन्होंने सोचा कि बच्ची की तबीयत खराब है और उसे दिलासा देकर सो गए। सुबह पुत्री ने बताया कि रात में उसके साथ रविंद्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी रविंद्र रात में ही सवा दो तोले का सोने सेट घर से उससे चाकू की नोक पर सेफ से निकलवाकर ले गया। बदनामी के डर से वह आरोपी के परिजन से बात करने गए तो उसके पिता गंगाराम और मनीष और लीलू व दो अज्ञात ने उसकी पत्नी व भाई से साथ गाली गलोज की। विरोध करने पर भाई और पत्नी के साथ मारपीट की।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी रविंद्र को चाकू समेत गिरफ्तार कर लिया। जबकि मारपीट के अन्य आरोपियों के भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन की कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त रविंद्र को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 12 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। जबकि अभियुक्त गंगाराम, मनीष व लीलू प्रत्येक को एक वर्ष की अवधि के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ा। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए अंकन एक लाख रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा देय होगी।
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