ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता परियोजना के तहत जिले के लगभग 20 गांवों को विश्व बैंक गोद लेगा। इन गांवों में विकसित देशों के तर्ज पर स्वच्छ पेयजल और शिक्षा के अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। हालांकि इस योजना के तहत प्रदेश के 457 गांवों का चयन किया जाएगा।
दरअसल, विश्व बैंक ग्रामीण पेयजल एवं स्वास्थ्य परियोजना के तहत पहले चरण में प्रदेश के कुल 457 गांवों को गोद लेगा। फिलहाल गांवों का चयन का काम शुरू नहीं किया गया है। लेकिन उम्मीद है कि इस योजना के तहत हापुड़ जिले के 15 से 20 गांवों का चयन होगा।
इस योजना के तहत विश्व बैंक इन गांवों में विकसित देशों के गांवों की तर्ज पर पेयजल और सफाई व्यवस्था मुहैया कराएगा। साथ ही इन गांवों में ओवर हैड टैंक के अलावा इस बात की विशेष व्यवस्था की जाएगी कि ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिल सके।
आधुनिक स्तर से शौचालय बनवाए जाएंगे। इस योजना के तहत गांव में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा। कुल मिलाकर इन गांवों को हर स्तर से आदर्श बनाने का प्रयास होगा। इन गांवों में स्थिति सुधार के बाद दूसरे चरण में कुछ और गांवों को चयनित किया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी रेणु श्रीवास्तव का कहना है कि इस योजना के तहत फिलहाल गांवों को चयन नही किया गया है। इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। लेकिन इस योजना से निश्चित रूप से गांवों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।