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Hapur News: 20 भट्ठा संचालक नहीं जमा कर रहे जीएसटी

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हापुड़। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग में पंजीकृत 20 ईंट भट्ठा संचालक टैक्स चोरी कर रहे हैं। जल्द ही जीएसटी विभाग के अधिकारी अभियान चलाकर ईंटों के उत्पादन और स्टॉक की जांच करेंगे। अगर इन पर टैक्स चोरी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य कर विभाग के खंड तीन में 54 ईंट भट्ठा पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से मात्र 34 भट्ठा संचालक ही टैक्स जमा कर रहे हैं। ईंट भट्ठा पर छह और 12 प्रतिशत टैक्स निर्धारित है। समाधान योजना का विकल्प चुनने वाले कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किए बिना कारोबार का छह फीसदी जीएसटी का भुगतान करते हैं।

समाधान योजना का विकल्प न चुनने वाले कारोबारियों को आईटीसी के 12 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होता है। लेकिन भट्ठा संचालक ईंटों के उत्पादन के लिए कोयला और लकड़ी की खरीद न करके कबाड़ का प्रयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही उनके पास न तो मिट्टी और न ही ईंटों के उत्पादन का कोई रिकॉर्ड है। ऐसे में कारोबारी शून्य कारोबार दर्शाकर या बोगस बिल से कारोबार दिखाकर टैक्स चोरी कर रहे हैं।
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सात लाख रुपये का लगा था जुर्माना-

छह माह पूर्व विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) टीम द्वारा जांच अभियान चलाया गया। इसमें भट्ठा स्वामियों द्वारा टैक्स चोरी करने का मामला सामने इनमें कई कारोबारी जीएसटी चोरी कर रहे थे या फिर शून्य देयता दर्शा रहे थे। जीएसटी चोरी करने वाले ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई और करीब सात लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया था।



कोट -

जीएसटी विभाग के अधिकारियों द्वारा इस माह से ही ईंट भट्ठों पर होने वाले कारोबार की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें ईंटों के उत्पादन, स्टॉक और खरीद-फरोख्त की जांच की जाएगी। अगर किसी भट्ठा स्वामी द्वारा टैक्स चोरी पाई जाएगी तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अवधेंद्र प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त, खंड-तीन
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