खेल के मैदान की जमीन की पैमाइश न होने पर ग्रामीण भड़के
गढ़मुक्तेश्वर। खेल के मैदान को चिन्हित की गई भूमि की पैमाइश न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान करीब तीन साल पहले तत्कालीन सीओ अमरनाथ यादव ने खेल के मैदान के लिए 6 बीघा भूमि छुड़वाई थी, लेकिन चकंबदी प्रक्रिया संपन्न होने पर उक्त भूमि गायब हो गई है। जिसके विरोध में दर्जनों ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के आधार पर शुक्रवार को चकबंदी कानूनगो अरविंद शर्मा और लेखपाल अर्जुन सिंह ने गांव के जंगल में पहुंचकर पैमाइश की थी, लेकिन खेल के मैदान को छोड़ी गई भूमि का रकबा चिन्हित करने की बजाए उन्होंने एक किसान के खेत में खेल के मैदान वाली भूमि शामिल होने की बात कहकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया है। महेश प्रजापति, जसवीर, अनिल, विरेंद्र, जयपाल, सुखबीर सिंह का कहना है कि अगर जल्द ही भूमि को चिन्हित नहीं किया गया तो फिर विरोध में तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर चकबंदी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।