मछलियों की मौत से रोष फैला, प्रदर्शन
गढ़मुक्तेश्वर। फैक्ट्रियों के जहरीले पानी से पूठ गंगा में रविवार को हजारों मछलियों की मौत हो गई। इससे आसपास के गांवों में लोगों में रोष फैल गया। गुस्साए लोगों ने विरोध में प्रदर्शन कर गंगा में गंदा पानी डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
बुंलदशहर के स्याना के दूध प्लांटों समेत क्षेत्र की कई फैक्ट्रियों का लाखों लीटर जहरीला पानी वैकल्पिक नालों के माध्यम से पूठ गंगा में गिरता आ रहा है। जिसके दुष्प्रभाव से मछलियों की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि फैक्ट्रियों का जहरीला पानी धड़ल्ले के साथ वैकल्पिक नालों के माध्यम से पूठ गंगा में गिर रहा है, जिसके दुष्प्रभाव से एक साल के भीतर कई बार मछलियों की मौत होने के साथ ही मानवमित्र डॉल्फिन समेत गंगा की जलधारा में रहने वाले दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतुओं को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मौके पर बुद्धप्रकाश सैनी, राजू, कालीचरण, बाबू, ओमा, महीपाल, सुरेंद्र, किशन, जगपाल, दीप, नानक, अमर, बबलबीर आदि मौजूद रहे।
इधर दूषित पानी से मछलियों की मौत होने के मामले को लेकर सामाजिक संगठन गंगा विचार मंच के वैस्टर्न यूपी सह संयोजक अशोक शर्मा ग्राम संयोजक महेश केवट को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने दूषित पानी से मछलियों की मौत होने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि फैक्ट्रियों के दूषित नालों पर रोक न लगने की शिकायत केंद्रीय मंत्री उमा भारती और राष्ट्रीय गंगा स्वच्छता मिशन से करने के साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में जनहित याचिका भी दायर की जाएगी।
एसडीएम ज्योति राय का कहना है कि गंगा में गिर रहे नालों को चिन्हित कराकर उन पर बहुत जल्द प्रभावी ढंग में रोक लगाई जाएगी।