छात्रों की छात्रवृत्ति डकार रहे शैक्षिक संस्थान
- जिले में चल रहे गोरखधंधे का समाज कल्याण अधिकारी ने किया खुलासा
- दूर दराज के क्षेत्रों के छात्रों को सूचना दिए बिना ही हो जाते हैं प्रवेश
- स्थानांतरण से पहले डीएम व सीडीओ को सौंपी रिपोर्ट, उच्च स्तरीय जांच कराने की सिफारिश की
नितिन दीक्षित
हापुड़। जिले के कुछ बड़े शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति और दूसरे माध्यमों से छात्रों को ठग रहे हैं। बिना छात्रों की जानकारी के उनके दस्तावेजों के आधार पर फर्जी एडमिशन देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यह खुलासा पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी ने डीएम व सीडीओ को सौंपी गई रिपोर्ट में किया है। सीडीओ ने मामले की जांच डीआईओएस को सौंपते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णा प्रसाद का स्थानांतरण करीब दस दिन पहले संभल के लिए हो गया। उन्होंने अपने स्थानांतरण से पहले जिले के शिक्षण संस्थानों का चिट्ठा प्रशासन को सौंपा है। इसमें उन्होंने अपनी जांच के दौरान बड़े घोटाले का खुलासा किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन संस्थानों में छात्रों की छात्रवृत्ति हड़पने के लिए बड़ा घपला हो रहा है। दूर दराज के क्षेत्रों में मौजूद अपने एजेंटों के माध्यम से छात्रों के दस्तावेज उपलब्ध कराकर उन्हें यहां फर्जी प्रवेश दिया जाता है। उसके बाद इन बच्चों की छात्रवृत्ति बैंकों से सांठगांठ कर हड़प ली जाती है। ये संस्थान करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति डकार गए हैं। इतना ही नहीं इन संस्थानों में वे पाठ्यक्रम भी पढ़ाये जा रहे हैं जिनकी मान्यता ही नहीं है।
कई जिलों में फैला है जाल
संस्थानों ने दूर दराज के जिलों में भी अपना जाल बिछा रखा है। इनके एजेंट साइबर कैफों, फोटो स्टेट के दुकानदारों को कुछ रुपयों का लालच देकर उनके शैक्षणिक दस्तावेजों की फोटो कॉपी अपने कब्जे में कर लेते हैं। इसी आधार पर यहां उन्हें किसी भी कोर्स में प्रवेश दे दिया जाता है। पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे छात्र खुलासे के बाद यहां पहुंचे थे और मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी, लेकिन मामला फंसता देख उन छात्रों को क्षतिपूर्ति देकर शांत करा दिया गया।
उच्च स्तर से हो जांच
रिपोर्ट में कृष्णा प्रसाद ने प्रशासन से मामले की जांच जिला स्तर से न कराकर किसी हाई एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्हें आशंका है कि इस बड़े घपले में कुछ स्थानीय अधिकारी भी इन शिक्षण माफियाओं के साथ हैं। जो किसी भी प्रकार की जांच को आसानी से दबा देते हैं।
शिकंजा कसने पर हुआ अधिकारी का ट्रांसफर
इस बड़े घपले की जांच में जिला समाज कल्याण कृष्णा प्रसाद ने इन संस्थानों पर शिकंजा कस दिया था। चर्चा है कि उन पर जांच दबाने का दबाव बनाया गया, लेकिन दबाव में न आने पर शासन स्तर से उनका दो महीने में ही ट्रांसफर करा दिया गया।
इस बार होगी कड़ी कार्रवाई
इस संबंध में सीडीओ दीपा रंजन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल जांच डीआईओएस को सौंपी गई है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट जमा करने के आदेश दिए गए हैं। किसी भी कीमत पर घपलेबाजों को नहीं बख्शा जाएगा।