सुबह होते ही यातायात व्यवस्था ध्वस्त, जाम से जूझा शहर
हापुड़/गढ़। रक्षाबंधन पर जाम से निजात को यातायात पुलिस की बनाई गई सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई। नहीं लगने देने की योजना सोमवार को धरी रह गईं। शहर के प्रमुख चौपला पर भीषण जाम लग गया। हालांकि शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया था। लेकिन छोटे वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लग गया। इस दौरान बारिश में भीगते हुए बहनें जाम से फंसकर अपने अपने गंतव्य तक पहुंची। उधर, गढ़मुक्तेश्वर में सावन पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने उमड़ी भीड़ और रक्षाबंधन पर बहनों की आवाजाही बढ़ने से स्याना चौपला और गंगा पुल के पास हाईवे पर भीषण जाम लगने से लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा है।
सोमवार को रक्षाबंधन पर्व पर अपने भाई से मिलने के लिए बहनों का इंतजार शहर के तहसील चौपला, मेरठ तिराहा, मेरठ रोड, दिल्ली रोड पर लगे जाम ने बढ़ा दिया। सुबह करीब 9 बजे लगे जाम में बाइक, स्कूटर, कारों में बैठी बहनों को फंसकर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहर में लगे जाम का अंदाजा इसी बात से लगाया गया कि बुलंदशहर रोड, दिल्ली रोड और कचहरी रोड सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों की कतार लग गई। चौराहों पर तैनात यातायात पुलिस कर्मी/ पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर जाम को खुलवाया। पूरे दिन रूक-रूककर लगे जाम से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस द्वारा शहर में रक्षाबंधन पर जाम नहीं लगने देने के लिये रूट डायवर्जन सहित कई बिंदुओं पर खास योजना बनाई गई थी। इस दौरान भारी वाहनों का तो प्रवेश बंद कर दिया गया था। लेकिन छोटे वाहनों का दबाव सड़क पर बढ़ने के कारण शहर में जाम लग गया।
एएसपी ने बताया कि छोटे वाहनों का अधिक दबाव बढ़ने से जाम लग गया था। चौराहा पर खड़े यातायात कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर जाम को खुलवाया।
-----
बरसात में भी पुलिसकर्मी दिखे मुस्तैद --
रक्षाबंधन पर रूककर लगे जाम में वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस कर्मी मुस्तैद रहे। बारिश के बीच भीगते हुए पुलिस कर्मी ड्यूटी करते रहे। बारिश तेज होने पर उच्च अधिकारियों के आदेश पर पुलिस कर्मियों को छाता लगाकर ड्यूटी करने के आदेश दिए।
सावन पूर्णिमा पर उमड़ी भीड़, हाईवे जाम
सावन पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गंगा भक्तों का रैला उमड़ रहा था, तो वहीं रक्षा बंधन के मद्देनजर हर किसी को अपने घर पहुंचने की धुन सवार थी। जिससे वाहनों का दबाव बढ़ने पर रविवार की रात में करीब 12 बजे गंगा पुल समेत स्याना चौपला पर अधर में अटके ओवरब्रिज के पास हाईवे पर जाम लग गया, जिससे तीर्थनगरी को आने जाने वालों समेत इधर-उधर जा रहे हजारों यात्रियों को भारी मुश्किल झेलनी पड़ीं। वहीं गंभीर रोगियों को दिल्ली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद के अस्पतालों को ले जा रहीं कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। इस दौरान बुलंदशहर और मेरठ रोड की यातायात व्यवस्था भी पटरी से उतर गई थी, क्योंकि नेशनल हाईवे पर जाम लगने से वाहनों को इधर-उधर निकलना दुश्वार हो रहा था।
बहनों को दगा दे गईं रोडवेज बसें, डग्गामार वाहनों की रही चांदी
हापुड़।
भले ही रोडवेज प्रबंधन हफ्ते भर पहले से रक्षाबंधन पर बहनों को बसों की किल्लत से निजात दिलाने के लिए योजनाएं बना रहा था। लेकिन सोमवार को प्रबंधन के दावे धरे रह गए। आलम यह रहा कि बहनें सुबह से ही बसों के इंतजार में इधर-उधर भटकती रहीं। लेकिन बसों की कमी के चलते उन्हें घंटों सड़क पर खड़ा रहना पड़ा। रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही के चलते डग्गामार वाहन चालकों की चांदी रही।
सोमवार को रक्षाबंधन के मद्देनजर सुबह से ही बहनें भाइयों को राखी बांधने के लिए घर से निकल पड़ी। लेकिन बस स्टैंड पर आते ही उन्हें बसों की किल्लत सताने लगी। पीछे से ही बसें फुल आने से उसमें सवार होना किसी युद्ध जीतने के बराबर रहा। रोडवेज बसों की किल्लत से परेशान बहनों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा। ऐसे में डग्गामार वाहन चालकों ने भी मजबूर यात्रियों को सफर करा खूब चांदी काटी। एआरएम एनपी सिंह का कहना है कि जिन मार्गों पर उनके डिपो की बसों का संचालन होता है। वहां बसों का संचालन बेहतर रहा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। अधिक भीड़ के कारण कुछ स्थानों पर जरूर दिक्कते हुई ह्रै।
ट्रेनों में भी रहीं जबरदस्त भीड़ --
रक्षाबंधन पर ट्रेनों में भी जबरदस्त भीड़ रही। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बोगियों में भूसे की तरह भीड़ भर रही थी। जिस भी शख्स को जहां जगह मिलती, वहीं बैठ रहा था।