लेखपाल संघ के आठ पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज
हापुड़। लेखपालों की हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। तीनों तहसीलों के विभिन्न थानों में संघ के अध्यक्ष, सचिव और जिला अध्यक्ष व जिला सचिव के खिलाफ एस्मा के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिले में कुल 92 लेखपाल में से 60 लेखपाल स्थायी हैं। इनमें से आठ लेखपाल मृतक आश्रित में तैनात हैं। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि मृतक आश्रित में सात लेखपालों के द्वारा अपने पद का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार दो लेखपाल परिविक्षाधीन भी अपना कार्य कर रहे हैं, जबकि केवल एक स्थायी लेखपाल ही कार्य कर रहा है। लेखपाल संघ के सभी तहसीलों में अध्यक्ष एवं सचिव, जिलाध्यक्ष व जिला सचिव द्वारा ड्यूटी पर वापस आने वाले लेखपालों को रोकने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हापुड़ कोतवाली में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी, सचिव सुरेश चंद, तहसील अध्यक्ष रवीश कुमार राही, तहसील सचिव दयानंद शर्मा, धौलाना थाने में लेखपाल संघ के अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, सचिव अशोक शर्मा, गढ़मुक्तेश्वर थाने में लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष राजकुमार, सचिव ताराचंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कुल मिलाकर आठ पदाधिकारियों के खिलाफ एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर, एफआईआर के बावजूद नगर पालिका परिसर स्थित गांधी पार्क में लेखपालों का धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इस दौरान साथी लेखपालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने को लेकर रोष भी व्यक्त किया गया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष विजय पाल सिंह ने कहा कि कोई भी लेखपाल कार्य पर नहीं लौटा है, सभी संगठित हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। लेखपालों के प्रति की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक सरकार लेखपालों की मांग पर सकारात्मक कदम नहीं उठाएगी, तब तक लेखपाल अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।