डीएम के आवास निर्माण को शासन से नहीं मिला पैसा
हापुड़। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना आनंद विहार में डीएम निवास के लिए आरक्षित भूखंड की करीब 9 करोड़ रुपये का भुगतान कर रजिस्ट्री हो चुकी है। मगर, शासन से निर्माण कराने को बजट नहीं मिला। परिणामस्वरूप फरियादियों को इधर से उधर जाने में काफी परेशानी होती है ।
हापुड़ 28 सितंबर वर्ष 2011 को नया जिला घोषित किया गया था। तब से आज तक यहां जितने भी जिलाधिकारी तैनात रहे, उन्हें मंडी परिषद के डाक बंगले में रहना पड़ा है। यहां प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर तैनात रहे आर के सिंह के कार्यकाल में जिलाधिकारी, एसपी समेत पांच अफसरों के निवास बनाने के लिए आनंद विहार में 25 हजार वर्ग मीटर भूमि आरक्षित कर दी गई थी। इसमें से जिलाधिकारी आवास के लिए 5 हजार वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए मार्च 2017 में 8.78 करोड़ रुपये स्वीकृत होकर आए थे। मगर, अभी तक डीएम आवास का निर्माण शुरू तक नहीं हो सका है।
इस संबंध में जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश का कहना है कि शासन से डीएम आवास की जमीन के लिए मिले 8.78 रुपये मिले थे। हालांकि करीब 9 करोड़ रुपये का भुगतान प्राधिकरण को किए जाने के बाद मई 2017 में उक्त जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है जो लोहिया पार्क के पास कार्नर पर है।
उनका कहना है कि वहां आवास निर्माण के लिए शासन से बजट मांगा गया था, लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला। जैसे ही बजट स्वीकृत होगा, निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए पत्राचार जारी है।
उल्लेखनीय है कि वहां से कुछ ही दूरी पर अब नई कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय में बैठना शुरू कर दिया है। वहां से उनका निवास लगभग 6 किलोमीटर पड़ता है। कई बार कलेक्ट्रेट जाने पर फरियादियों को पता चलता है कि जिलाधिकारी अपने निवास पर बने कैंप कार्यालय में बैठे हैं। इस तरह इधर से उधर जाने में फरियादियों को काफी परेशानी होती है।