चल रहा डेंगू का इलाज, पुष्टि के लिए सेहत विभाग के मोहताज
- स्वास्थ्य अफसरों की सख्ती से निजी अस्पताल छुपा रहे डेंगू के मरीजों की पहचान
- निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की भरमार
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। जिलेभर के निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की भरमार है। अधिकांश मरीजों में निजी लैब की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। चिकित्सक स्वास्थ्य अफसरों के डर से मरीजों की पहचान छुपा रहे हैं। सिर्फ सरकारी लैब की पुष्टि पर ही मरीज की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू के बाद अब डेंगू का डंक मरीजों पर भारी पड़ रहा है। आलम यह है कि इन दिनों निजी अस्पताल बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। निजी चिकित्सक भर्ती मरीजों में अधिकांश को वायरल आदि बता रहे हैं। जबकि अधिकांश में लक्षण डेंगू के दिखाई पड़ रहे हैं।
कुछ निजी अस्पतालों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डेंगू जिले में तेजी से पांव फैला रहा है। लेकिन स्वास्थ्य अफसरों ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी लैब की पुष्टि के बिना कोई चिकित्सक मरीज में डेंगू की पुष्टि को सार्वजनिक नहीं करेगा। यही कारण है चिकित्सक डेंगू के मरीजों की पहचान छुपा रहे हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एके सिंह का कहना है कि डेंगू पर शिकंजा कस लिया गया है। कम मरीजों में यह देखने को मिल रहा है। मरीज डेंगू को लेकर कतई न घबराएं। पैथोलोजी लैब मरीज का ब्लड सैंपल विभाग को उपलब्ध कराएं। सरकारी लैब की रिपोर्ट के आधार पर ही मरीज में डेंगू की पुष्टि होगी।