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तापमान में बढ़ोतरी के बाद भी स्वाइन फ्लू नहीं थम रहा

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तापमान में बढ़ोतरी के बाद भी स्वाइन फ्लू नहीं थम रहा
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गढ़मुक्तेश्वर। सर्दी के सीजन में वेस्टर्न यूपी और एनसीआर के साथ ही समूचे देश में महिला बच्चों समेत सैकड़ों को मौत की नींद सुला चुके स्वाइन फ्लू का प्रकोप तापमान में बढ़ोतरी होने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। गढ़ के शिवम शर्मा और सारिक अली को चपेट में लेने वाले स्वाइन फ्लू ने अब निकटवर्ती गांव दौताई में दस्तक देकर ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ा दी है।
कामिल की पत्नी अनम और चार साल के बेटे समेत पड़ोसी युवक फहीम को करीब एक सप्ताह पहले बुखार होने पर परिजनों ने कई दिनों तक स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराया था, लेकिन कोई भी राहत न मिलने पर परिजन उन्हें मेरठ के मेडिकल कॉलेज में ले गए। जहां कराई गई जांच में तीनों को स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की पुष्टि किए जाने से परिजनों समेत ग्रामीणों में भी बेचैनी बढ़ गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन अब विभागीय स्तर से टीम भेजकर स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों के परिजनों समेत उनके संपर्क में रहने वालों को भी दवा खिलाई जाएगी, जिससे वे इस बीमारी की चपेट में न आ सकें। बताया कि इससे पहले गढ़ कस्बे में दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर पांच सदस्य टीम का गठन किया हुआ है, जो ब्लॉक क्षेत्र में सक्रिय रहकर किसी भी मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण सामने आने पर उसकी जांच पड़ताल कर आवश्यक दवा मुहैया कराएगी।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ.दिनेश भारती ने बताया कि मूलरूप से सर्दी के मौसम में होने वाली स्वाइन फ्लू बीमारी जानलेवा बन जाती है, जिसमें मुख्य रूप से मरीज को सबसे पहले तेज बुखार होता है। जिसके बाद सांस लेने में दिक्कत, नाक और आंख से पानी गिरने समेत खांसी जुकाम हो जाता है।
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