एनसीआर के बिल्डरों पर दो करोड़ रुपये जुर्माना
हापुड़। एनसीआर के कई बिल्डरों पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गया प्रसाद (आईएएस) ने शासन के निर्देश पर रेरा के तहत एनसीआर के बिल्डरों के खिलाफ आवंटियों की 107 शिकायत सुनकर आदेश पारित किए हैं।
प्राधिकरण सूत्रों ने बताया कि भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 (रेरा) के तहत प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को आवंटियों की शिकायत सुनने के लिए अधिकृत किया गया था।
बताया गया है कि उक्त क्रम में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने अब तक 107 शिकायतों का निस्तारण किया। कुछ शिकायतों में विलंब से कब्जा दिये जाने के कारण आवंटी द्वारा विलंब की अवधि पर अर्थदंड एवं ब्याज दिलाने की मांग की जा रही है। उन प्रकरणों में विलंब की अवधि के लिए बिल्डरों पर 18/24 प्रतिशत ब्याज सहित जुर्माना आरोपित किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन प्रकरणों में आवंटी की ओर से अपनी जमा धनराशि वापस किए जाने की मांग की गई है, उनमें जमा धनराशि को 18/24 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश किए गए हैं तथा जुर्माना आरोपित किया गया है।
बताया गया कि शिकायतों की सुनवाई में अब तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई प्रमुख बिल्डरों पर दो करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। उक्त निर्णय से जहां आवंटी खुश हैं, वहीं एनसीआर के बिल्डरों में हड़कंप मचा है।
बिल्डरों की गिरफ्तारी भी संभव
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण सचिव नितिन मदान का कहना है कि रेरा की अतिरिक्त धारा -40 में यह भी व्यवस्था की गई है कि उक्त आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर ब्याज और जुर्माना की वसूली भू-राजस्व की तरह की जा सकती है। इसके तहत बिल्डर की संपत्ति की नीलामी और बिल्डर की गिरफ्तारी भी संभव है। दावा किया गया है कि रेरा के उक्त प्रावधानों से भविष्य में बिल्डरों द्वारा आवंटियों के साथ धोखाधड़ी आसानी से नहीं की जा सकेगी।