कोहरे ने रोकी गाड़ियों की रफ्तार
गढ़मुक्तेशवर। कोहरा पड़ने से तड़के चार बजे से लेकर सुबह 11 बजे तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा, जबकि दृश्यता प्रभावित होने से हुई वाहनों की भिड़ंत में चाचा भतीजे समेत आठ घायल हो गए।
मंगलवार देर रात तक आकाश पूरी तरह साफ था, लेकिन तड़के चार बजते ही वायुमंडल में कोहरे की परत छा गई। इससे दृश्यता प्रभावित होने पर अधिकांश चालकों को अपने वाहन सड़कों किनारे ढाबों समेत आबादी में रोकने को मजबूर होना पड़ा। तड़के चार बजे छाया कोहरा बुधवार सुबह करीब 11 बजे छट पाया। उसके बाद हाइवे समेत मेरठ और बुलंदशहर रोड पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह सुचारू हो पाया। कोहरा गिरने से कई स्थानों पर वाहनों में भिड़ंत भी हो गई। अठसैनी फ्लाई ओवर के पास तड़के करीब पांच बजे स्टीम कार को शुगर मिल में गन्ना लेकर जा रहे ट्राले की साइड लग गई, जिससे कार चला रहा हसरत अली, उसका भांजा महबूब और रिश्तेदार जहीन निवासी शाहदरा मोड़ दिल्ली घायल हो गए, जो अमरोहा में रिश्तेदार के घर गमी में शामिल होकर लौट रहे थे। दूसरी घटना तड़के करीब साढ़े पांच बजे गढ़-मेरठ रोड पर गांव पौपाई के पास हुई, जहां गन्ना लेकर नानपुर के क्रेशर को जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली की साइड सेंट्रो कार में लग गई, जिसमें कार चालक विनीत निवासी सरधना घायल हो गया। तीसरी घटना तड़के करीब 6 बजे गढ़-स्याना रोड पर सालारपुर कॉलेज के पास हुई, जहां इंडिका कार की साइड लगने से बाइक सड़क पर गिर गई। बाइक चला रहा रामवीर और पीछे बैठा उसका दोस्त भूरा सिंह निवासी जहांगीराबाद घायल हो गया, जो गजरौला की एक फैक्ट्री में नौकरी के लिए बात करने आ रहे थे। चौथी घटना ब्रजघाट गंगा पुल के पास मोड़ पर हुई, जहां सुबह करीब दस बजे गजरौला की ओर से आ रही डग्गामार जीप ने स्कूटी को साइड मार दी। इससे स्कूटी चला रहा नवीन और पीछे बैठा उसका चाचा सुखबीर निवासी गाजियाबाद घायल हो गए, जो ब्रजघाट में रात बिताने के बाद गंगा में डुबकी लगाकर वापस लौट रहे थे। कहीं पुलिस और कहीं राहगीर घायलों को नर्सिंग होम में ले आए। जहां हालत बिगड़ती देख चिकित्सकों ने नवीन को मेरठ रेफर कर दिया।