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जिले के 40 हजार यात्रियों को बड़ी सौगात

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अब शहर से होकर गुजरेंगी रोडवेज बसें
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- जिले के 40 हजार यात्रियों को बड़ी सौगात
- बाईपास से होकर गुजरने वाले बसों को नहीं मिलेगा डीजल
- यात्रियों की सहूलियत की दृष्टि से अफसरों ने लिया निर्णय

जतिन त्यागी
हापुड़। डिपो की सभी बसें शहर के अंदर से होकर गुजरेंगी। इससे हापुड़ के 40 हजार यात्रियों को लाभ होगा। अब बाईपास से बसों को निकालने वाले चालक/परिचालक को डीजल नहीं मिल सकेगा। वहीं, जीपीएस सिस्टम से भी बसों पर नजर रखी जाएगी।
हापुड़ डिपो से विभिन्न मार्गों पर 110 बसों का संचालन होता है। इनमें दर्जनों बसें दिल्ली, बरेली, लखनऊ, बदायूं मार्ग पर चलती है। हापुड़ से प्रतिदिन करीब 40 हजार यात्री इन बसों में सफर करते हैं। अधिकांश यात्री ड्यूटी के कारण दिल्ली मार्ग पर सफर करते हैं। ये बसें यात्रियों को निजामपुर बाईपास पर उतारकर रवाना हो जाती हैं। यात्रियों के कहने पर भी बसें शहर के अंदर से होकर नहीं निकाली जाती है। रात के समय तो कई बार यात्रियों को बसें न मिलने के कारण लूटपाट तक भी हो जाती है।
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चालकों की मनमानी रोकने के लिए अफसरों ने उपाय ढूंढ लिया है। अफसरों के अनुसार बसों को डीजल तभी मिलेगा, जब वह शहर के अंदर से होकर बस अड्डे पर जाएंगी। बाईपास पर सवारियों को उतारकर सीधे बस गंतव्य की ओर ले जाने पर डीजल नहीं दिया जाएगा। यदि चालक ने किसी अन्य पेट्रोल पंप पर डीजल डलवाकर बिल का पैसा निकलवाना चाहा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

यात्रियों को लुटने का रहता था खतरा
दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा से ड्यूटी करते समय देर होने पर कई बार यात्री बसों द्वारा बाईपास पर उतार दिए जाने के डर से अपने किसी रिश्तेदार के यहां रुक जाते हैं। रात के समय बाईपास से शहर के लिए कोई सवारी नहीं मिल पाती। यात्रियों को लूटपाट का खतरा बना रहता है।

बस अड्डे पर आने वाली बसों को ही मिलेगा डीजल
अब से पूर्व बस चालक किसी भी पेट्रोल पंप पर डीजल भरवा लेते थे। इसका बिल डिपो में आने के बाद पास करा लिया जाता था। अब बसों में डीजल सिर्फ इतना ही भरा जाएगा जो गंतव्य तक जाकर बस अड्डे तक आ सके। ऐसे में सभी बसों को शहर के अंदर से होकर ही गुजरना पड़ेगा।

यातायात निरीक्षकों की लगाई ड्यूटी
बसों को बाईपास से होकर न निकाला जा सके, इसके लिए यातायात निरीक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। एआरएम खुद भी इसकी जांच करेंगे। शहर के अंदर बस न ले जाने वाले चालकों को निरीक्षक चिन्हित करेंगे जिनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधन एनपी सिंह का कहना है कि यात्रियों की सहूलियत के लिए सभी बसें शहर के अंदर से होकर निकाली जाएंगी। शहर के अंदर से बसों को न ले जाने वाले चालकों को डीजल नहीं दिया जाएगा।
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