सुविधा शुल्क के चक्कर में नहीं उठा सड़क पर गिरा पेड़
हापुड़। मुख्यमंत्री भले ही भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख इख्तियार कर रहे हों, लेकिन कुछ अधिकारी पूूरे सिस्टम को ठेंगा दिखा रहे हैं। मेरठ रोड स्थित इंद्रा नगर कालोनी के बाहर सड़क पर गिरा पेड़ आदेशों के बावजूद पिछले तीन माह से सड़क पर इसलिए पड़ा है क्योंकि मोहल्ले के लोगों ने वन विभाग के एक अधिकारी को सुविधा शुल्क नहीं दिया। इस पेड़ के गिरने से जहां नाले का निर्माण रुका पड़ा है, वहीं सड़क पर पड़े इस पेड़ के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
करीब तीन माह पहले मेरठ रोड पर इंद्रा नगर कालोनी के बाहर नाले की खुदाई का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान सड़क किनारे खड़ा एक शीशम का बड़ा पेड़ अचानक गिर गया। इस पेड़ के गिरने के कारण जहां आसपास की दुकानों में दरारें आ गयी वहीं, सड़क का एक हिस्सा घिर गया। पेड़ गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने पेड़ को हटवाने के लिए तहसील दिवस में शिकायत की। अधिकारियों ने वन विभाग को पेड़ हटवाने के लिए आदेशित कर दिया। लेकिन अब आसपास के लोग वन विभाग के अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। लेकिन समस्या पेड़ को हटाया नहीं जा सका है। लोगों का कहना है कि वन विभाग का एक अधिकारी उनसे पेड़ हटाने के लिए सुविधा शुल्क मांग रहा है। अब आलम यह है कि पेड़ न हटाने से करीब तीन मीटर नाले का निर्माण रुका पड़ा है। जबकि बरसात सिर पर है। इसके अलावा आसपास का नाला भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उधर, सड़क पर पेड़ गिरा होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन सुविधा शुल्क के चक्कर में विभाग अनदेखी किए हुए है। अब लोग मामले की शिकायत डीएम से करेंगे।
एसडीएम सत्यप्रकाश का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई अधिकारी सुविधा शुल्क मांग रहा है तो यह गलत है। पेड़ हटवाने के साथ साथ जांच कराकर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार पर भी अनियमितता का आरोप -
मोहल्ले के लोगों ने नाला निर्माण के दौरान ठेकेदार पर भी अनियमितता के आरोप लगाए हैं। सभासद शशि मुंजाल ने आरोप लगाया कि पेड़ गिरने के कारण भी ठेकेदार की लापरवाही रही। अब नवनिर्मित नाले में भी जगह जगह रिसाव हो रहा है। जिसके कारण जगह जगह पानी भर जाता है। उन्होंने इस लापरवाही के लिए डीएम से शिकायत की है।