राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी मिलेगा आयुष्मान भारत योजना का लाभ
हापुड़। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार कराने वाले हजारों मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में उपचार की सौगात मिलेगी। शासन ने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है, जिले में बने 12 आयुर्वेदिक अस्पतालों में रोजाना औसतन दो हजार मरीज उपचार पा रहे हैं। इस योजना से ऐसे पात्रों को लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्ष विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत को लांच किया था। इस योजना में जिले के 50 हजार परिवारों को शामिल किया है। चयनित परिवारों के उपचार के लिए तीन निजी मेडिकल, दो निजी अस्पताल व सीएचसी निर्धारित किए थे।
अब शासन ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में भी आयुष्मान योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। आयुर्वेदिक अफसरों से अस्पतालों में व्यवस्था, फंड, रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या व उपचार की सुविधा समेत अनेक बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
शासन की मंशा आयुर्वेदिक अस्पतालों को बेहतर उपचार सुविधा देने के लिए तैयार करना है, साथ ही आयुष्मान योजना को आयुर्वेद से जोड़ना है।
जिले में हैं 12 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल
जिले में कुल 12 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। इनमें 9 अस्पतालों में चार बेड, एक अस्पताल में 15 बेड और दो अस्पतालों में ओपीडी की सुविधा है।
जल्द खुलेगा स्थानीय कार्यालय
जिले में जल्द ही क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी का कार्यालय खोला जाएगा। अभी तक यह कार्यालय गाजियाबाद में है, जिसके चलते मरीजों व चिकित्सकों को परेशानी होती है।
अधिकारी कहिन
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी डा. अशोक कुमार राणा का कहना है कि शासन ने विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट भेजी जा रही है।