चिकित्सकों की सुरक्षा के लि, बने कड़ा कानून: डा. रेनू सिंहल
हापुड़। प्रादेशिक स्वास्थ्य सेवा की अतिरिक्त निदेशक डा. रेनू सिंहल ने कहा कि चिकित्सक और मरीजों को संयम बरतना चाहिए। इन दिनों चिकित्सकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं, जो बेहद शर्मसार कर देने वाली हैं। चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए सरकार को कड़ा कदम उठाना चाहिए।
डा. रेनू सिंहल रविवार को दिल्ली रोड स्थित प्रकाश रिजेंसी में आईएमए की स्टेट लेवल वर्किंग कमेटी की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपना शत प्रतिशत देकर मरीज को स्वस्थ्य करने का प्रयास करते हैं, इसलिए मरीजों को भी चिकित्सकों पर भरोसा रखना चाहिए। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. एएम खान ने कहा कि चिकित्सकों पर हो रहे हमले निंदनीय हैं। इस तरह की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए शासन, प्रशासन को कड़ा रुख अपनाना होगा। आईएमए के अध्यक्ष डा. विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि यदि चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर शक किया जाएगा तो वह स्वतंत्र होकर मरीज का उपचार नहीं कर सकेंगे। चिकित्सकों पर मरीज भरोसा करें, तभी चिकित्सक अपना शत प्रतिशत दे सकेंगे। इस दौरान चिकित्सकों ने सीएमओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन में आ रही कठिनाइयों पर भी विचार किया। चिकित्साधिकारियों द्वारा निजी चिकित्सकों के शोषण पर भी रोष जताया। कार्यक्रम में सीएमई के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें ह्दय रोग, कैंसर, स्त्री रोग, नाड़ी रोग, गुर्दा प्रत्यारोपण आदि विषयों पर जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। ऑर्गेनाइजेशन सचिव डा.श्याम कुमार ने चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़े विषय पर विचार रखे। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.शरद अग्रवाल, डा. अशोक इलाहबाद, सचिव डा.जयंत शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. एसपीएस चौहान, डा. विनीत कुमार, डा. विजयपाल, डा. विनय गुप्ता, डा. एपी सिंह ने चिकित्सा पद्धति पर विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन आईएमए के जिला सचिव डा.योगेश अग्रवाल व प्रदेश सचिव डा. जयंत शर्मा ने किया। इस मौके पर डा. अरुण शर्मा, डा. ममतेश गुप्ता, डा.विनीता दिवाकर, डा. संदीप गर्ग, डा. मीनू वालिया, डा. अमिताभ गोयल का सहयोग रहा।