गंगा में डूबने से हो रहीं मौतों की रोकथाम को चेता प्रशासन
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा में डूबने से हो रहीं मौतों की रोकथाम को जिला प्रशासन चेता। डीएम ने प्रशिक्षित गोताखोरों समेत मोटर बोट तैनाती के लिए शासन को डिमांड भेजी।
दशहरा के दौरान दस जून को ब्रजघाट की दूसरी साइड में अमरोहा के कच्चे घाट पर गांव लुहारी खादर में रहने वाले एक ही परिवार के सात सदस्यों की गंगा में डूबकर मौत हुई थी, जबकि शनिवार की शाम को दोस्तों के साथ ब्रजघाट गंगा में डुबकी लगा रहे दिल्ली के सीबीआई इंस्पेक्टर अमर सक्सेना की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी ब्रजघाट गंगा में आए साल डूबने की कई घटना हो जाती हैं, जिनमें महिला बच्चों समेत औसतन तीन दर्जन की जान चली जाती है। प्रशिक्षित गोताखोर और अत्याधुनिक साजो सामान वाली मोटर बोट न होने से गंगा में डूबने वालों में अधिकांश के शव तक बरामद नहीं हो पाते हैं। महज एक सप्ताह के भीतर सीबीआई इंस्पेक्टर समेत गंगा में डूबने से आठ की मौत होने पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। गढ़ कोतवाली का रविवार को निरीक्षण करने आए एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गंगा में डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए डीएम स्तर से शासन को डिमांड भेजी गई है, जिसमें ब्रजघाट में प्रशिक्षित गोताखोरों समेत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस दो मोटर बोट की तैनाती कराए जाने की मांग की गई है।