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गन्ना मूल्य का पेमेंट न मिलने पर भाकियू भड़की

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गन्ना मूल्य का पेमेंट न मिलने पर भाकियू भड़की
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गढ़मुक्तेश्वर। गन्ना भुगतान न होने पर भड़के भाकियू कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को समिति कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान समिति के सचिव से भी धक्का मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे सिंभावली शुगर मिल के महाप्रबंधक व जीएम फाइनेंस को पुलिस ने हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया। हालांकि बाद में मिल प्रबंधन द्वारा 50 करोड़ के चेक देने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा किया।
बृहस्पतिवार को सिंभावली में एकत्र हुए भाकियू कार्यकर्ता राष्ट्रीय सचिव सतबीर सिंह के नेतृत्व में गन्ना समिति का घेराव कर हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी भी वहां पहुंच गए, जिनकी मौजूदगी में समिति सचिव राजीव सेठ ने बहुत जल्द भुगतान होने का भरोसा देकर गुस्साए कार्यकर्ताओं को शांत करने की कोशिश की । लेकिन कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके साथ धक्का मुक्की कर दी। इसी दौरान शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक सुधीर कुमार और जीएम फाइनेंस अनिरुद्ध गुप्ता भी समिति परिसर में पहुंच गए, जिन्हें देेखते ही भाकियू कार्यकर्ता बुरी तरह बिफर गए। हालात नाजुक होते देख पुलिस हरकत में आ गई, जो सुरक्षा की दृष्टि से शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक सुधीर कुमार और जीएम फाइनेंस अनिरुद्ध गुप्ता को आनन फानन में थाने को ले आई। इसी बीच दर्जनों भाकियू कार्यकर्ता भी नारेबाजी और हंगामा करते हुए थाना परिसर में पहुंच गए, जिस पर पुलिस ने दोनों अफसरों को हवालात में बंद कर दिया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, कुशलपाल आर्य, प्रदेश सचिव केप्टन बिशन सिंह, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री हापुड़, गुड्डू बुलंदशहर, जिला प्रभारी सुंदरपाल पहलवान, रामपाल चौहान, अशोक चौधरी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कृष्णा हरित, एसपी कर्दम, परवेज चौधरी, हाजी कौसर, विनोद तोमर, सचिन पंडित, तनु शर्मा, दिनेश शर्मा, विरेंद्र सिंह, तरीकत समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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मिल प्रबंधन ने दिया 50 करोड़ का चेक
भाकियू कार्यकर्ता भुगतान की जिद पर अड़े रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक गन्ना पेमेंट नहीं मिलेगा, तब तक वे वापिस नहीं लौटेंगे और न ही हवालात में बंद अफसरों को छूटने देंगे। भाकियू कार्यकर्ताओं के अड़ियल रवैये को देखते हुए एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी, सीओ अशोक शुक्ला, एसओ नीरज कुमार, डीसीओ ओमप्रकाश सिंह, सिंभावली समिति सचिव राजीव सेठ ने शुगर मिल प्रबंधन से वार्ता की, जिसके कुछ देर बाद सीनियर मैनेजर दिनेश शर्मा चेक लेकर थाने में पहुंच गए। जहां जीएम फाइनेंस अनिरुद्ध गुप्ता के हस्ताक्षर कराने के बाद समिति सचिव को 50 करोड़ के चेक सौंपे गए।

गर्मी सेे बचाव को लगाया गया पंखा भी हटाया
गर्मी को देखते हुए पुलिस कर्मियों ने हवालात में बंद शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक और जीएम फाइनेंस के लिए बाहर से पंखा लगा दिया, लेकिन धरना पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं ने पंखे को हटाकर अपनी तरफ मोड़ लिया। जिसके चलते दोपहर करीब तीन बजे से लेकर शुगर मिल के दोनों अफसरों को शाम सवा 6 बजे तक पंखे के बिना ही हवालात की हवा खानी पड़ी।

शांतिभंग की धारा में दर्ज हुआ मुकदमा
पिछले तीन साल में मिल प्रबंधन से जुड़े अफसरों के खिलाफ कई बार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन किसी भी मामले में अफसरों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। भाकियू राष्ट्रीय सचिव सतबीर सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन किसानों के साथ सौतेला बर्ताव करता आ रहा है, वसूली अभियान में किसानों की गिरफ्तारी होती है मगर शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। भाकियू के इस आरोप के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया, जिसने सुरक्षा के लिहाज से कस्टडी में लेकर हवालात में बंद किए गए शुगर मिल के महाप्रबंधक सुधीर कुमार और जीएम फाइनेंस अनिरुद्ध गुप्ता के खिलाफ शांति भंग की धारा में केस दर्ज कर लिया।

धरना प्रदर्शन से जुड़ी टाइम लाइन।
10 बजे, भाकियू कार्यकर्ता गन्ना समिति में जुटने शुरू हुए।
11 बजे, नारेबाजी करते हुए गन्ना समिति का घेराव किया।
12.30 बजे, एसडीएम, सीओ और गन्ना समिति सचिव मौके पर पहुंचे।
1.00 बजे, शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक और जीएम फाइनेंस समिति में आए।
1.30 बजे, समिति सचिव से भाकियू कार्यकर्ताओं की धक्का मुक्की हुई।
2.30 बजे, गन्ना महाप्रबंधक और जीएम फाइनेंस से नोकझोंक हुई।
2.45 बजे, गन्ना महाप्रबंधक और जीएम फाइनेंस को पुलिस कस्टडी में थाने लाई।
3 बजे, गन्ना महाप्रबंधक और जीएम फाइनेंस को हवालात में बंद कर दिया।
5.45 बजे, गन्ना मूल्य मद में पचास करोड़ के चेक समिति सचिव को सौंपे गए।
6.15 बजे, गन्ना महाप्रबंधक और जीएम फाइनेंस को हवालात से बाहर निकाला।
6.45 बजे, दोनों अफसरों के खिलाफ शांति भंग की धारा में केस दर्ज हुआ।
7.30 बजे, पुलिस दोनों अफसरों को लेकर तहसील मुख्यालय को रवाना हुई।

मिल प्रबंधन पर बकाया 400 करोड़ का भुगतान

गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली शुगर मिल पर लगभग 400 करोड़ का बकाया है। पांच मई को पेराई सत्र बंद होने के बाद भी मिल प्रबंधन द्वारा गन्ने क ा भुगतान नहीं किया। किसानों को अपने ही गन्ने का पेमेंट न मिलने पर आर्थिक तंगी में ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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इस साल के पेराई सीजन में खरीदे गए गन्ना मूल्य में किसानों को अब तक महज 87 करोड़ का ही पेमेंट मिल पाया है, जिससे करीब चार सौ करोड़ का पेमेंट अभी सिंभावली शुगर मिल पर बाकी चल रहा है। गन्ना मूल्य का पेमेंट न मिलने से किसान आर्थिक तंगी में घिरे हुए हैं, जिन्हें बच्चों की ब्याह शादी समेत जरूरी कामकाज के लिए बैंक और साहूकारों से ब्याज पर कर्ज लेने को भी मजबूर होना पड़ रहा है। अपने ही गन्ने का पेमेंट न मिलने से चौतरफा दिक्कत झेलने को मजबूर हो रहे किसानों को लोकसभा चुनाव बीतने पर राहत मिलने की जो उम्मीद बंधी हुई थी फिलहाल वह भी परवान नहीं चढ़ पाई है। बृहस्पतिवार को भाकियू ने गन्ना समिति का घेराव कर शुगर मिल के दो अफसरों को हवालात में बंद कराने के साथ ही 50 करोड़ के चेक मिलने पर धरना समाप्त किया। प्रदेश उपाध्यक्ष कुशलपाल आर्य, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, हापुड़, मंडल सचिव रामपाल चौहान, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कृष्णा हरित का कहना है कि अगर किसानों को अपना गन्ना पेमेंट जल्द से जल्द नहीं मिला तो अगली बार बड़े स्तर पर आंदोलन कर शुगर मिल से जुड़ा सारा कामकाज ठप कर बेमियादी धरना दिया जाएगा। सिंभावली समिति सचिव राजीव सेठ का कहना है कि इस पेराई सीजन में सिंभावली शुगर मिल ने करीब 487 करोड़ का गन्ना खरीदा था, जिसमें से किसानों को अब तक महज 87 करोड़ का पेमेंट हीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को हुए भाकियू के धरना प्रदर्शन के दौरान मिल प्रबंधन ने 50 करोड़ रुपये के चेक सौंपे हैं।
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